बारिश के बाद कौशल्या खड्ड के पाइप क्षति
लेागों को टैंकरों से मंगवाना पड़ रहा पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
परवाणू (सोलन)। औद्योगिक क्षेत्र परवाणू में पेयजय संकट गहराता जा रहा है। क्षेत्र के कई वार्डों में कौशल्या खड्ड से आ रही पेयजल पाइप लाइनों के क्षतिग्रस्त होने के बाद से पानी नहीं आया है। ऐसे में पांच दिनों से शहरवासियों को पानी नहीं मिला है।
इसके चलते क्षेत्र में हाहाकार भी मचना शुरू हो गया है। लोगों को मजबूरी में टैंकरों से पानी मंगवाना पड़ रहा है। हालात यह है कि मजबूरी का फायदा अब टैंकर चालकों ने भी उठाना शुरू कर दिया है। कुछ ही दिनों में टैंकर चालकों ने पानी के दाम बढ़ा दिए हैं। इससे लोगों को और अधिक परेशानी हो रही है।
बीते दिनों तक जो पानी का टैंकर 500-600 रुपये प्रति 3000 लीटर पानी देता था। वहीं टैंकर अब 800 रुपये प्रति 3000 लीटर हो गया है। वहीं आपातस्थिति के लिए टैंकर चालक 1100 से 1200 रुपये तक की मांग कर रहे हैं। ऐसे में लोगों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ता जा रहा है। वहीं टैंकर चालकों पर भी कोई शिकंजा कसने वाला नहीं है।
गौर रहे कि बीते सप्ताह शनिवार और रविवार को हुई मूसलाधार बारिश से कौशल्या खड्ड पर परवाणू पेयजल योजना के पाइप क्षतिग्रस्त हुए। इससे क्षेत्र में पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है। हिमुडा की ओर से इसे सुचारू करने का वीरवार तक का दावा किया था। पाइप लाइन सुचारू न हो सकी। परवाणू के कुछ सेक्टर में कम मात्रा में पानी की सप्लाई दी गई। सेक्टर-6 में पानी न होने के बाद वीरवार को लोगों ने टैंकर मंगवाए। पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष और पार्षद ठाकुरदास शर्मा और पार्षद मनीषा ने भी लोगों को टैंकर के माध्यम से पानी भरवाकर राहत दी। रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने वीरवार देर शाम टैंकर से आंशिक रूप से पानी की सप्लाई दी। लोगों का कहना है कि हिमुडा शहर में सबसे महंगा पानी सप्लाई करता है। लेकिन जब ऐसी स्थिति आ जाए तो लोगों को पानी की सप्लाई टैंकर के माध्यम से करवानी चाहिए ताकि लोगों को राहत मिल सके।
बीत दिनों से परवाणू और आसपास के इलाके में हुई मूसलाधार बारिश से कौशल्या खड्ड में गाद आई। वहीं कई पाइपें भी क्षतिग्रस्त हुई। सप्लाई को सुचारु करने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य चल रहा है। जल्द ही लोगों को पेयजल किल्लत से छुटकारा मिल जाएगा।
-गिरीश शर्मा, अधिशासी अभियंता, हिमुडा