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डीसी से मिले लोग, ऑटो चालकों पर शिकंजा कसने की मांग

Thu, 16 Jun 2016 11:26 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
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ऑटो चालकों के अपनी मर्जी से किराया बढ़ाने पर कार्रवाई की मांग को लेकर एडीएम सोलन को ज्ञापन सौंपते हुए - फोटो : अमर उजाला
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ग्राहक पंचायत के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश सचिव रमन प्रिम्टा और जिलाध्यक्ष अनिल कुमार की अध्यक्षता में उपायुक्त से मिलकर ऑटो संचालकों पर शिकंजा कसने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में सोलन शहर और आसपास के क्षेत्र में ऑटो चालकों के मनमाने तरीके से किराये की बढ़ोतरी पर रोष जताया।
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साथ ही प्रशासन से जल्द से जल्द किराया निर्धारित करने को लेकर प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई। दूसरी तरफ पेंशनर संघ ने भी विरोध के स्वर बुलंद कर लिए हैं। संघ के प्रधान जयदेव शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष बिमल केआर वर्मा और जेसी बंसल ने कहा कि चंबाघाट और डीसी आफिस के पास आटो स्टैंड खत्म करके बस ठहराव बनाए जाने चाहिए।

इसके अलावा सिरमौर, राजगढ़, बुरी, आंजी, शलमेच और सलोगड़ा आदि बसों के क्षेत्रों में जाने वाली बसों को लोकल का दर्जा दिया जाए। साथ ही परिचालकों को भी लोकल सवारियां बैठाने के निर्देश दिए जाएं। आरोप लगाते हुए ग्राहक पंचायत ने कहा कि प्रशासन 50 हजार लोगों के हितों को ध्यान में रखकर मुट्ठी भर ऑटो चालकों को ग्राहकों से लूट की छूट नहीं देगा।
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वहीं ग्राहक पंचायत द्वारा ऑटो सबलेटिंग के फर्जीवाड़े को प्रशासन द्वारा बेनकाब करने का स्वागत भी किया गया। ग्राहक पंचायत ने प्रशासन को चेताया है कि अगर इस समस्या को लेकर स्थायी समाधान नहीं निकाला गया तो इसके लिए उग्र आंदोलन किया जाएगा।

यदि ऐसा हुआ तो सब्जी, बस, ट्रक, किरयाना, रेहड़ी, ढाबा आदि 100 से अधिक यूनियनें आए दिन अपनी मर्जी से की दरें बढ़ा देंगी। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष देवानंद गौतम, जिला सचिव विक्रम मेहता, नवीन निश्छल शर्मा, सिटी यूनिट के अध्यक्ष लायक राम ठाकुर, अमित कुमार, राजीव त्यागी, राकेश कुमार, सुरेंद्र और अन्य लोग मौजूद रहे।

इन मुद्दों पर भी जांच की मांग
ग्राहक पंचायत ने ऑटो चालक यूनियन के सदस्यों एवं पदाधिकारियों की जांच करने की मांग भी उठाई। अंदेशा जताया कि कहीं यूनियन के अधिकतर नेता फ्रॉड तो नहीं, एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन शीघ्र किया जाए जिसमें ग्राहक प्रतिनिधियों व नागरिकों को भी शामिल किया जाए।

15 दिनों में कमेटी अपनी रिपोर्ट को पेश करें जिसमें अधिक किराया वसूलने, यातायात नियमों के उल्लघंन करने के आरोपी पर कानूनी कार्रवाई हो सके, शहर तथा आसपास कम से कम 10 मुद्रिका बसें ही समय उपलब्ध करवाकर लोगों को राहत दी जाए, यूनियन के दबाव में आकर किराया बढ़ोतरी से प्रारंभ होगी गलत परंपरा, जिस पर नकेल कसी जाए। 
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