20 फरवरी से मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं डॉक्टर
सुबह 9:30 से 12:00 बजे ओपीडी में नहीं मिलता उपचार
12:00 बजे के बाद सरकारी लैब में टेस्ट की नहीं मिलती सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। प्रदेश चिकित्सक संघ के आह्वान पर बीते 12 दिनों से चिकित्सक कलम बंद हड़ताल पर हैं। इसके चलते मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चिकित्सक अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और रोजाना हड़ताल कर रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि अब वह सामूहिक अवकाश पर जाने कस विचार कर रहे हैं। क्योंकि सरकार की ओर से कोई भी सकारात्मक कदम नहीं उठाया जा रहा है। इसे लेकर वह कई बार आग्रह भी कर चुके हैं।
शनिवार को क्षेत्रीय अस्पताल में 9:30 से 12:00 बजे तक चिकित्सकों की हड़ताल जारी रही। इससे मरीजों को परेशान होना पड़ा है। वहीं 12:00 बजे के बाद चिकित्सकों के आने पर उपचार की सुविधा मिलती है और चिकित्सक टेस्ट लिखते है। लेकिन 12:00 बजे के बाद सरकारी लैब में टेस्ट भी नहीं हो पाते हैं। इससे लोगों को कई टेस्ट करवाने के लिए निजी लैब में जाना पड़ता है।
गौर रहे कि चिकित्सक एनपीए समेत 4-9-14 की बहाली, एड्स कंट्रोल सोसायटी में परियोजना निदेशक का कार्यभार वापस स्वास्थ्य निदेशक को दिया जाए, पात्रता एवं वरिष्ठता के आधार पर निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं, जेडी, डीडी, सीएमओ, एसएमएस, बीएमओ को वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति दी जाए और किसी को भी सेवानिवृत होने के बाद एक्सटेंशन न दी जाए। इसके अलावा भी कई अन्य मांगें हैं। वहीं जितनी बार भी सरकार से वार्ता हुई है उसकी एजेंडा कॉपी नहीं दी जा रही है।
इनसेट
सरकार के साथ कई बार मांगों को लेकर पत्राचार किया जा चुका है। लेकिन सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है। अब चिकित्सक संघ आगामी रणनीति पर कार्य करेगा और मांगों के न मानने पर चिकित्सक सामूहिक अवकाश पर चले जाएंगे।
-डॉ. कमल अटवाल
अध्यक्ष, जिला चिकित्सा संघ, सोलन