संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। डिग्री कॉलेज सोलन में शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता अनुसंधान पद्धति और नवचारी शिक्षण उपकरणों का उपयोग के उभरते रुझान पर संकाय विकास कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय की आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ ने किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. मनीषा कोहली ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती की वंदना से हुआ। इसके बाद प्राचार्या ने सभी प्रतिभागियों से कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के समन्वयक डॉ. अनिल ठाकुर ने कार्यक्रम के संसाधन व्यक्ति और कार्यक्रम में भाग लेने आए सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया और सभी प्रतिभागियों से इस कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह करने के साथ कार्यक्रम का अपने पेशेवर जीवन में पूरा लाभ लेने का आग्रह किया। यह कार्यक्रम दो सत्रों में विभक्त था पहले सत्र में मनीष तोमर, निदेशक इंफोविज टेक्नोलॉजी सोलन ने संसाधन व्यक्ति के रूप में अपना वक्तव्य शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमता के उपकरण में विस्तृत रूप से चर्चा की। स्पष्ट किया कि यह उपकरण हमारे शैक्षिक, अनुसंधान और दैनिक जीवन में किस प्रकार भूमिका निभा सकते हैं। दिन के दूसरे सत्र में डॉ. पीयूष सेवल ने संसाधन व्यक्ति के रूप में भाग लिया। डॉ. पीयूष सेवल ने अनुसंधान उपकरण और तकनीक पर प्रतिभागियों से अपने विचार साझा किए। इन उपकरणों का प्रायोगिक प्रशिक्षण करवाया।