डीएमआर सोलन में शिक्षकों के लिए आयोजित कार्यशाला के दौरान मौजूद शिक्षक व डीएमआर सोलन के विशेष
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सोलन। खुंब अनुसंधान निदेशालय में मिड-डे मील योजना के तहत मिशन व्हाइट अंब्रेला के तहत मशरूम उत्पादन कार्यशाला के दूसरे चरण का आयोजन किया गया। इसमें जिला सोलन के विभिन्न स्कूलों से आए लगभग 45 विज्ञान, कृषि व्यावसायिक और ईको क्लब प्रभारी शिक्षकों ने भाग लिया।
खुंब निदेशालय के कार्यकारी निदेशक डॉ. बीएल अत्री ने शिक्षकों को मशरूम की विभिन्न किस्मों, वैश्विक उत्पादन और इसके व्यावसायिक महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मशरूम प्रोटीन, फाइबर और विटामिन-डी का बेहतरीन स्रोत है। कोविड-19 के दौरान मशरूम के एंटी-वायरल गुणों, शिटाके किस्म के एंटी-कैंसर गुणों और औषधीय गुणों से भरपूर गैनोडर्मा ल्यूसिडम पर भी प्रकाश डाला। इसके अलावा तिब्बत और उच्च क्षेत्रों में पाई जाने वाली गुच्छी और कॉर्डिसेप्स के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई।
वहीं प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक सोलन रीता गुप्ता ने स्कूलों में चल रहे मिड-डे मील कार्यक्रम के तहत मशरूम उत्पादन को पोषण वाटिका से जोड़ने पर चर्चा की। वहीं, उप जिला शिक्षा अधिकारी एवं एमडीएम नोडल अधिकारी राज कुमार पाराशर ने मशरूम उत्पादन को इको क्लब के ग्रीन स्कूल प्रोग्राम के साथ एकीकृत करने पर जोर दिया। संवाद