शीतला माता मंदिर नालागढ़ में टेका बासड़े का माथा टेकते हुए श्रद्धालु स्रोत:संवाद
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बासड़ा पर्व पर लोगों ने बच्चों के आरोग्य व परिवार की सुख-शांति की मांगी दुआ
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़ में शीतला माता मंदिर में मंगलवार को बासड़ा पर्व के अवसर पर श्रद्धालुओं ने शीश नवाकर बच्चों के आरोग्य और परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना की। माता के दर्शनों के लिए लोग सुबह 4:00 बजे से ही मंदिर के बाहर कतारों में लग गए थे। बासड़ा पर्व का मुख्य महत्व आरोग्य और रोग निवारण से जुड़ा है और यह होली के बाद स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का प्रतीक माना जाता है। मंदिर के पुजारी मोहन दास ने बताया कि इस दिन माता को ठंडे/बासी भोजन का भोग लगाकर परिवार की रक्षा और चेचक, खसरा जैसी संक्रामक बीमारियों से मुक्ति की प्रार्थना की जाती है। यह परंपरा बदलते मौसम में शरीर को ठंडा रखने और निरोगी रहने का संदेश देती है। श्रद्धालुओं ने मंदिर में पवित्र जल, गुलगुले, चने, खील, बताशे और अनाज का प्रसाद चढ़ाया। शीतला माता मंदिर की मान्यता है कि बच्चों और बड़ों को होने वाले फोड़ा, फूंसी, चिकनपॉक्स और अन्य चर्म रोगों से सुरक्षा मिलती है। यह पर्व होली के बाद आने वाले पहले मंगलवार को मनाया जाता है। जो लोग किसी कारण पहले मंगलवार को नहीं आ पाते, वे दूसरे या तीसरे मंगलवार भी पूजा-अर्चना करने आते हैं। यह पर्व होली के बाद आने वाले पहले मंगलवार को मनाया जाता है।