स्वास्थ्य विभाग भी पहले से ही डेंगू से निपटने को था अलर्ट
पिछले वर्ष भी परवाणू में डेंगू के आए थे 1800 से अधिक मामले
स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में दवा के छिड़काव के दिए आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
परवाणू(सोलन)। प्रदेश प्रवेश द्वार परवाणू में जानलेवा बुखार डेंगू ने दस्तक दे दी है। शनिवार को यहां पर दो डेंगू के मामले सामने आए हैं। इसमें एक ग्रामीण क्षेत्र कामली और एक शहरी क्षेत्र कालका से मामला सामने आया है, इसके बाद बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू पैदा होने वाले संभावित क्षेत्रों की तलाश शुरू कर दी है। प्रभावित क्षेत्रों में दवा छिड़काव के आदेश दिए हैं। शनिवार को क्षेत्र में कई घरों में लारवा की जांच की गई। इसमें 12 घरों में डेंगू का लारवा पाया गया और उसे मौके पर नष्ट किया गया। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की टीमें पहले से ही लोगों को जागरूक करने में लगी हुई हैं।
गौर रहे कि इन दिनों परवाणू क्षेत्र में रोजाना बारिश हो रही है। जगह-जगह एकत्रित पानी डेंगू को बुलावा दे रहा है। परवाणू शहर में पिछले वर्ष भी करीब 1800 मामले सामने आए थे। अब फिर मामले आने से प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के हाथपांव फूल गए है। डेंगू से निपटने के लिए नगर परिषद और अन्य विभागों को निर्देश दिए गए हैं।
उधर, परवाणू ईएसआई अस्पताल के कार्यकारी अधिकारी डॉ. कपिल ने बताया कि परवाणू में ड़ेंगू के दो मरीज सामने आए हैं। अब क्षेत्र के लोगों को सावधानी बरतने की भी जरूरत है। उन्होंने कहा कि लोग डेंगू से बचाव के लिए पूरी बाजू की कमीज पहने और घरों के आसपास सफाई रखें। पानी इकट्ठा न होने दें। ओडोमोस का इस्तेमाल करे। कूलर का पानी हर हफ्ते बदलें ओर रात को मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
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डेंगू के लक्षण
मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से डेंगू होता है। सामान्य बुखार की तुलना में डेंगू ज्यादा पीड़ादायक है। डेंगू होने पर सिरदर्द, जोड़ों मे दर्द, तेज ठंड लगकर बुखार के साथ चिड़चिड़ापन होने लगता है। भूख कम लगती है। डेंगू बुखार से रोगी की त्वचा ठंडी पड़ जाती है। उल्टी और दस्त शुरू हो जाता है। शरीर पर लाल-गुलाबी चकते भी पड़ जाते हैं। डेंगू के लक्षण 3 से 14 दिन बाद दिखते हैं। डेंगू कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्तियों को आसानी से हो जाता है।