मेडिकल बिल न मिलने से इलाज करवाने में परेशान हो रहे पेंशनर
संवाद न्यूज एजेंसी
कुनिहार (सोलन)। मुख्यमंत्री की ओर से सार्वजनिक मंच से की गई घोषणा के बावजूद पुलिस पेंशनरों के तीन वर्षों से लंबित मेडिकल बिलों का भुगतान न होना राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। पुलिस पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन जिला सोलन ने इसे पेंशनरों के साथ अन्याय करार देते हुए कड़ा रोष व्यक्त किया है।
एसोसिएशन के संयोजक एवं वरिष्ठ मुख्य सलाहकार धनीराम तंवर, प्रधान श्यामलाल ठाकुर, महासचिव सतपाल शर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष नेकीराम सहित वेद ठाकुर, चमन लाल, संतराम चंदेल, पतराम, दीपराम ठाकुर, नागेंद्र ठाकुर, इंदर सिंह, प्रेम कंवर, जसवीर सिंह, निर्मल ठाकुर, पुष्पा सूद, बीना देवी, दिलाराम, विनोद कुमार, श्यामलाल भाटिया सहित अन्य पदाधिकारियों ने सरकार की नीतियों की आलोचना की है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने शिमला और बिलासपुर (घुमारवीं) में घोषणा की थी कि पुलिस पेंशनरों के मेडिकल बिलों का भुगतान एक माह के भीतर किया जाएगा, लेकिन निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बावजूद अधिकांश मामलों में भुगतान नहीं हुआ। इससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार घोषणाएं धरातल पर उतारने में असफल रही है। एसोसिएशन ने कहा कि पुलिस पेंशनर राज्य के पूर्व सेवक हैं और उनके चिकित्सा प्रतिपूर्ति अधिकार को नजरअंदाज करना न केवल प्रशासनिक लापरवाही है, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त जीवन और स्वास्थ्य के अधिकार का भी उल्लंघन है। गंभीर बीमारियों से जूझ रहे अनेक पेंशनर आर्थिक संकट के कारण समुचित उपचार से वंचित हैं, जो अत्यंत चिंताजनक और अमानवीय स्थिति है।
पेंशनरों ने सरकार से मांग की कि लंबित मेडिकल बिलों के भुगतान के लिए तत्काल ठोस और समयबद्ध व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो पेंशनर वर्ग लोकतांत्रिक और कानूनी दोनों स्तरों पर संघर्ष करने के लिए विवश होगा।