दाड़लाघाट इकाई के प्रतिनिधि भामसं की वर्चुअल बैठक में हुए शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी।
दाड़लाघाट (सोलन)। देशभर के सीमेंट उद्योग में कार्यरत श्रमिकों के त्रि-पक्षीय वेतन समझौते की समय सीमा 31 मार्च को समाप्त होने जा रही है, जबकि नया वेतन समझौता 1 अप्रैल से लागू किया जाना प्रस्तावित है। इसी संदर्भ में अखिल भारतीय सीमेंट मजदूर महासंघ और संबंधित भारतीय मजदूर संघ की ओर से एक वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। बैठक में देश के विभिन्न राज्यों से 47 पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया और सीमेंट उद्योग में कार्यरत श्रमिकों की वर्तमान समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान भारतीय मजदूर संघ इकाई दाड़लाघाट के प्रतिनिधियों ने स्थानीय स्तर पर श्रमिकों से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। प्रतिनिधियों ने बताया कि वर्तमान में सीमेंट उद्योग का लगभग 87 प्रतिशत कार्य ठेकेदारों के माध्यम से कराया जा रहा है, जिससे श्रमिकों के शोषण की स्थिति उत्पन्न हो रही है और श्रम कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है। बैठक को संबोधित करते हुए नव निर्वाचित अखिल भारतीय सीमेंट प्रभारी राज बिहारी शर्मा ने कहा कि संगठन तभी मजबूत होगा जब व्यक्तिगत निर्णय नहीं बल्कि सामूहिक निर्णय लिए जाएं। उन्होंने सीमेंट निर्माता संघ और संबंधित उद्योग प्रबंधन से अपील की कि आगामी वेतन समझौते को सकारात्मक सोच के साथ लागू किया जाए। शर्मा ने यह भी बताया कि बड़ी संख्या में श्रमिक ठेका प्रणाली के तहत सेवानिवृत्त हो जाते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक और सामाजिक असुरक्षा का सामना करना पड़ता है। यदि ठेका प्रथा जारी रही, तो भविष्य में तकनीकी और उत्पादन संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं। महासंघ ने चेतावनी दी कि यदि इस बार वेतन समझौते में संविदा कर्मियों को स्थायी करने का प्रावधान नहीं किया गया, तो सीमेंट उद्योग में असंतोष और आंदोलन की स्थिति बन सकती है।