प्रदेश की औद्योगिक राजधानी कहे जाने वाले बीबीएन के विकास पर सरकार के बजट ने इस साल सीधे 24 करोड़ की कटौती कर दी है।
- फोटो : demo pic
प्रदेश की औद्योगिक राजधानी कहे जाने वाले बीबीएन के विकास पर सरकार के बजट ने इस साल सीधे 24 करोड़ की कटौती कर दी है। सरकार ने जहां पिछले साल बजट में बढ़ोतरी के साथ 60 करोड़ रुपये जारी किए थे वहीं इस साल बीबीएन को बजट में केवल 36 करोड़ रुपये ही विकास गतिविधियों को मिले हैं। वहीं बीबीएनडीए अधिकारियों का कहना है कि अथॉरिटी की सालाना सेविंग 20 करोड़ तक पहुंच गई है।
इससे बजट को मिलाकर बीबीएन में विकास गतिविधियों पर 56 करोड़ रुपये इस साल खर्च होंगे। माना यह भी जा रहा है कि बीबीएनडीए गत वर्ष के बजट को भी पूरी तरह खर्च नहीं कर पाया है। इसके चलते ही सरकार ने बजट पर कैंची चलाई है। गौरतलब है कि बीबीएनडीए 60 करोड़ के बजट से कुल 103 विकासात्मक कार्य औद्योगिक राजधानी में करवा रहा है।
बीबीएनडीए के सीईओ राजीव कुमार नेगी ने कहा कि सरकार की ओर से 36 करोड़ का बजट में जारी हुआ है। अथॉरिटी की सालाना बचत 20 करोड़ तक पहुंच चुकी है। इस साल बीबीएन में विकास गतिविधियों पर 56 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
सरकार नहीं करवा सकी विकास : चौधरी
भाजपा प्रवक्ता तरसेम चौधरी ने कहा कि बीबीएन में विकास के कई प्रोजेक्ट हैं जिन पर सरकार और विभाग सही से काम नहीं कर रहे हैं। यही कारण है कि बजट में कटौती हो रही है। सरकार और विभाग को मिलकर क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप विकास पर ध्यान देना चाहिए।