कंडाघाट के हनुमान सिद्धपीठ मंदिर का निरिक्षण करते उपमंडलाधिकारी व रेलवे अधिकारी। संवाद
कंडाघाट(सोलन)। रेलवे स्टेशन कंडाघाट के समीप हनुमान सिद्धपीठ परिसर और इसमें बने नवग्रह देवताओं के मंदिर सहित बहुत सा भाग भारी बारिश से क्षतिग्रस्त हो गया। इसके साथ परिसर के लगातार धंसने के कारण कालका-शिमला विश्व धरोहर रेल लाइन को भी खतरा बना हुआ है। रेलवे बोर्ड ने जैसे ही रेल लाइन सुरक्षा के लिए दीवार लगाने का काम शुरू किया। इसकी खुदाई से यहां फिर से धंसने का खतरा बना गया है। इसी बीच वीरवार को हनुमान मंदिर का रास्ता भी करीब आठ फीट तक धंस गया, मंदिर परिसर और उसकी कई मूर्तियां भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
इसको देखते हुए उपमंडलाधिकारी कंडाघाट सिद्धार्थ आचार्य ने राजस्व अधिकारियों, नगर पंचायत अधिकारी रजनीश, उपाध्यक्ष मनीष सूद और रेलवे के इंजीनियर व अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने बताया कि क्षतिग्रस्त परिसर में जो दरारें आई हैं उससे धंसाव आया है। रेलवे ट्रैक की सुरक्षा के लिए सुरक्षा दीवार बनाना जरूरी है। इसके चलते परिसर और आस-पास खड़े पेड़ों को काटे बिना काम संभव नहीं है। इसलिए नप के अधिकारियों को पेड़ काटने की अनुमति के लिए वन मंडल अधिकारी के सोलन कार्यालय में तुरंत अनुमति प्रक्रिया पूरी करने के लिए भेजा गया है।