नाहन (सिरमौर)। सुरला प्राचीन ब्रह्मा जी मंदिर में आयोजित शिव महापुराण कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। आचार्य साक्षी चैतन्य ने कहा कि प्रेम इंसान को समानता का अधिकार देता है, जबकि भक्ति पूज्य भाव और पूर्ण समर्पण का अधिकार प्रदान करती है। प्रार्थना भगवान शिव तक अपनी बात पहुंचाने का माध्यम है, जबकि ध्यान शिव तत्व में पूरी तरह लीन होने का मार्ग है। कथा के दौरान द्वादश ज्योतिर्लिंगों की महिमा का वर्णन किया गया। आचार्य ने विशेष रूप से बाबा महाकाल और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के प्राकट्य से जुड़ी कथाओं का विस्तार से वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। इस अवसर पर नवनिर्मित जिला परिषद सदस्य प्रमिला शर्मा और बीडीसी सदस्य मनीषा ने भगवान शिव की भव्य झांकी का विधिवत पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कथा के समापन पर भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। संवाद