नगर पंचायत अर्की के वार्ड नंबर 3 में दुकानदार हरिराम की हत्या लूट के मकसद से हुई। हमलावरों को उसके पास से आठ हजार रुपए ही मिल सके। बताया गया कि मृतक लोगों को ब्याज पर उधार पैसा देता था। दोनों हत्यारोपियों को संदेह था कि उसके पास मोटी रकम हो सकती है, लिहाजा उसके कत्ल का प्लान बनाया और इसमें वह कामयाब भी हो गए।
पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को हरियाणा से गिरफ्तार किया है। जिन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। इसकी पुष्टि एसपी सोलन अंजुमआरा ने की है। उन्होंने बताया कि पुलिस की टीम में नरेंद्र कुमार, रमेश कुमार, विशाल वर्मा, रोहित शामिल थे जिन्हें जिंद हरियाणा भेजा गया। पुलिस टीम द्वारा 2 आरोपियों कृष्ण लाल उर्फ जगीरा व सतीश कुमार कश्यप पुत्र वीरभान कश्यप निवासी मुकाम सफीदो जिला जिंद हरियाणा से धरा गया है।
मामले की तहकीकात कर रही पुलिस टीम ने घटना स्थल का दौरा किया। स्थानीय लोगों से बातचीत कर पुलिस कर्मी सुराग जुटाने लगे। स्थानीय लोगों ने बताया कि मृतक की दुकान पर एक लड़का कई दिनों से बैठा रहता है। पुलिस ने उक्त लड़के की छानबीन करना शुरू दिया। उनके मोबाईल ट्रेस किए जिसके जरिए उनकी लोकेशन ट्रैक हुई।
छानबीन में पता चला कि हरिराम के हत्यारों में से एक उसके किराएदार कश्मीरी लाल का बेटा है जो कभी कभी अर्की अपने पिता से मिलने आता था और कुछ दिनों से काफी देर-देर तक उसकी दुकान में बैठा रहता था। फिर जगीरो ने अपने दोस्त सतीश के साथ मिलकर हत्या का प्लान किया।
दोनों आरोपियों ने अपराध कबूल करते हुए बताया कि उन्हे पता था कि हरीराम ब्याज पर उधार पैसा देता है। इसके पास बहुत पैसा होने की संभावना से इस घटना को अंजाम दिया। पांच मई की शाम को उन्हें पता चला कि हरिराम अकेला है। दोनों दोस्त उसी रात उसकी दुकान पर गए। दुकान के साथ ही उसका कमरा है।
वहां वह खाना बनाने की तैयारी कर रहा था। इसी बीच दराट से उस पर हमला बोल दिया जिससे उसकी मृत्यु हो गई। पूरा घर खंगाला, लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला। बाद में उसकी जेब से 8000 रुपए मिले, जिसके लेकर वह फरार हो गए। मामले की जांच उप मंडल पुलिस अधिकारी दाड़लाघाट नरवीर सिंह ने की है।