स्कूल से घर जा रहे 10 साल के छात्र अजय पठानिया की टिपरा खड्ड में बहने से शुक्रवार को मौत हो गई। बताया जा रहा है कि छुट्टी के बाद वह दोस्तों संग घर की तरफ जा रहा था। उसने बारिश में जूते हाथ में उठा रखे थे और उससे खेल रहा था। पुलिया
के पास एक जूता खड्ड में गिर गया। छात्र जूता निकाले के चक्कर में खड्ड में जा उतरा। बारिश के कारण खड्ड रौद्र रूप में थी। तेज पानी के बहाव में वह बह गया और हरियाणा बार्डर पहुंच गया। वहां उसे एक महिला ने देखा।
इसके बाद लोगों ने एकत्र होकर उसे खड्ड से बाहर निकाला। इस दौरान छात्र की सांसें चल रही थीं। निकट के निजी अस्पताल में उपचार के दौरान इसकी मौत हो गई। छात्र को दो किलोमीटर दूर हरियाणा बार्डर के साथ मढ़ावाला में झोंपड़ियों में रहने वाले कुछ
लोगों ने खड्ड से बाहर निकाला। इसके बाद अजय के आईकार्ड पर लिखे परिजनों के नंबर पर कॉल कर उन्हें इसकी सूचना दी गई। शव को बरोटीवाला पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नालागढ़ अस्पताल में भेज दिया है।
नायब तहसीलदार बद्दी राज कुमार कोसवाल ने मौके पर पीड़ित परिवार को 15 हजार रुपये की फौरी राहत प्रदान की है। मृतक अजय पठानिया के पिता मदन लाल निवासी निहाला डाकघर मंजार तहसील मंडी काफी समय से बरोटीवाला के लोअर टिपरा में बक्शाराम के मकान में रह रहे थे। हादसा घर से करीब 60 मीटर की दूरी पर हुआ है।
अभागा अजय घर से करीब 150 मीटर दूरी पर स्थित न्यू मॉडल स्कूल सेंसीवाला से रोजाना की तरह अपने सहपाठियों के साथ दोपहर 2:30 बजे छुट्टी होने पर पैदल आ रहा था। इस दौरान टिपरा खड्ड पर बने पुल के समीप अजय के हाथों से एक जूता खड्ड में गिर गया। जिसे पकड़ने के लिए वह नदी के निकट चला गया। इसी दौरान अजय नदी के तेज बहाव के बीच फंसकर बह गया।
एसपी बद्दी बशेर सिंह ने कहा कि अजय पठानिया के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नालागढ़ अस्पताल में भेज दिया गया है। बरोटीवाला पुलिस मामले में जांच कर रही है। अजय को हरियाणा बार्डर के समीप भैंसों की रखवाली कर रही एक महिला ने देखा। इसके बाद इसी ने अन्य लोगों को सूचना देकर उसे बाहर निकाला।