अपहरण, हत्या व लूट के मामले में छह साल से फरार चल रहे मुख्य आरोपी को दाड़लाघाट पुलिस ने पंजाब के भटिंडा से दबोचने में सफलता हासिल की है। उद्घोषित अपराधी चरणजीत सिंह पुत्र नक्षत्र सिंह निवासी देओण थाना नहियावाला भटिंडा को उसी के गांव के ठिकाने से धर दबोचा है। आरोपी को सोमवार न्यायालय में पेश किया जाएगा।
गिरफ्तार चरणजीत पर आरोप है कि उसने 2009 में अपने दो साथियों कश्मीर सिंह व सतपाल के साथ मिलकर एक चालक को गाड़ी समेत अगवा करके मौत के घाट उतार दिया था। शातिरों ने इनोवा गाड़ी के चालक भीष्म ठाकुर निवासी धारणडा करसोग को गाड़ी सहित अगवा कर लिया था।
थाना कुराली के इलाके में नशीली चीज खिलाकर बेहोशी की हालत में फेंक दिया था और गाड़ी को लेकर निकल गए। चालक भीष्म ठाकुर की घटना के बाद मौत हो गई थी। पुलिस को गुमराह करने और सुबूतों को नष्ट करने की नीयत से शातिरों ने गाड़ी को भी जला दिया था।
इन तीनों आरोपियों के खिलाफ दाड़लाघाट पुलिस ने अपहरण हत्या और लूट का मामला दर्ज किया। सोलन न्यायालय ने इस मामले में दोषी सतपाल सिंह को उम्र कैद की सजा सुनाई थी जबकि दूसरे साथी कश्मीर सिंह के खिलाफ मामला न्यायालय में विचाराधीन है। जबकि इस मामले का मुख्य आरोपी चरणजीत वारदात के बाद से ही फरार था।
डीएसपी दाड़लाघाट नरवीर सिंह राठौर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया की चरणजीत की तलाश के लिए हेडकांस्टेबल रमेश के नेतृत्व में देवीचंद, मनोज की एक पुलिस टीम को भटिंडा भेजा था। जहां पर पुलिस टीम ने अपने मुखबिरों का जाल बिछाया और उनकी सूचना के आधार पर इसे गिरफ्तार कर दाड़लाघाट लाया गया।