बनेर के पास हुई सड़क दुर्घटना के घायलों को एफआरयू चिकित्सालय नालागढ़ में उपचार के बाद रविवार को दिल्ली भेज दिया गया। दुर्घटना की सूचना मिलते ही नालागढ़ चिकित्सालय में बीएमओ और पूरा स्टाफ घायलों के उपचार में जुट गया। गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया गया।
गौर रहे कि शनिवार सायं करीब चार बजे बिलासपुर जिला के बनेर घाटी के पास टूरिस्ट बस लुढ़कने से करीब तीन दर्जन भूटान के पर्यटक घायल हो गए थे। जो मणिकर्ण से चंडीगढ़ जा रहे थे। बनेर के पास बस अनियंत्रित होकर खाई में लुढ़क गई थी। करीब 17 घायलों को एफआरयू चिकित्सालय नालागढ़ में उपचार के लिए लाया गया। इनमें किलमे, जिगमा जोंगमो, गकी, पेमायुन्डीन, ठुकसटेन, तशेवांग सिथेर, दोजी, दामछी दीमा, पेमा चोडेन, तशेरीन लाहमो, पेमानागमय, केनले आदि घायलों को उपचार के बाद दिल्ली भेज दिया गया है। प्रशासन की तरफ से घायलों को हरसंभव मदद मुहैया करवाई गई।
एसडीएम नालागढ़ आशुतोष गर्ग ने बताया कि करीब 17 घायलों को उपचार के बाद दिल्ली को भेज दिया गया है। प्रशासन की ओर से हरसंभव मदद मुहैया करवाई गई। बीएमओ कुलदीप जसवाल ने बताया कि अस्पताल में घायलों का उपचार किया गया। घायलों की स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने काफी मदद की। वहीं, लोगों ने नालागढ़ में ट्रामा सेंटर खोलने की मांग की है। तर्क दिया है कि स्वारघाट, रामशहर, बद्दी, पट्टा के रोगियों को नालागढ़ अस्पताल लाया जाता है। लेकिन, ट्रामा सेंटर न होने से घायलों को पीजीआई रेफर कर दिया जाता है। नालागढ़ में ट्रामा सेंटर खोला जाना चाहिए। इस अवसर पर तहसीलदार डीआर भाटिया, नायब तहसीलदार हेमचंद कश्यप, शिरोमणि अकाली दल के प्रदेशाध्यक्ष एवं एसजीपीसी सदस्य दलजीत सिंह भिंडर, खालसा सेवा सोसायटी हरदीप सिंह, रविंद्र सिंह, नालागढ़ विकास मंच के संयोजक नरेश घई, विजय सिंह, राजेश कुमार, बग्गा सिंह मौजूद रहे।