धारा 118 के उल्लंघन पर जिला प्रशासन ने बद्दी, नालागढ़ और कसौली ने 167 बीघा भूमि को सरकारी भूमि में निहित करने के आदेश दिए हैं। उपायुक्त के मुताबिक सभी मामलों में पाया गया है कि भूमि का सही इस्तेमाल नहीं हुआ है। जिस उद्देश्य के लिए खरीददारों को भूमि आवंटित गई थी, उस उद्देश्य से इस्तेमाल नहीं हुआ है।
शनिवार को ऐसे 11 मामलों पर जिला प्रशासन ने अपना फैसला सुनाया है। इसमें सबसे पुराना मामला वर्ष 1993 से लंबित था। इसकी पुष्टि उपायुक्त सोलन राकेश कंवर ने की है। उन्होंने बताया कि अप्रैल के महीने में 328 बीघा भूमि को सरकार में निहित किया गया है। सभी पर धारा 118 के उल्लंघन के आरोप लगे हैं। इन सभी मामलों में यह पाया गया है कि खरीददार ने या तो 2 साल के भीतर भूमि का इस्तेमाल नहीं किया या किसी अन्य उद्देश्य के लिए भूमि का प्रयोग किया। ज्यादातर मामलों में खरीददारों की भूमि औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने के लिए दी गई थीं, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।