स्कार्पियो लूट के मामले में आखिरकार परवाणू पुलिस ने चार दिन बाद शिकायत दर्ज कर ली है। सीसीटीवी फुटेज की टाइमिंग और शिकायतकर्ताओं के उल्लेख किए समय में कई विरोधाभास है। जबकि घटना से पहले गाड़ी मल्ला रोड की ओर जाने के भी साक्ष्य पुलिस के हाथ लगे हैं। लिहाजा शिकायतकर्ताओं पर ही पुलिस जांच की सूई घूम रही है।
उधर घटना के चार दिन बाद पुलिस की ओर से एफआईआर दर्ज करने को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे है। टिंबर ट्रेल चौक व सूरजपुर टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को खंगाला जा रहा है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक 19 दिसंबर को शिकायत देने के बाद शिकायकर्ताओं को पूछताछ के लिए थाने में बार-बार बुलाया गया, लेकिन किसी ने भी पूछताछ में सहयोग नहीं दिया। लिहाजा प्रारंभिक जांच में बाधा हुई।
डीएसपी प्रमोद चौहान ने बताया की मामले में प्रथम दृष्टि में कई विरोधाभास लग रहे हैं। वाक्या कहां हुआ है? पहले तो यही स्पष्ट नहीं है। उसके बाद शिकायतकर्ताओं ने जिस टाइमिंग का जिक्र किया है, वह टाइमिंग सीसीटवी फुटेज से कुछ अलग है। इसके अलावा गाड़ी के मल्ला मार्ग पर जाने के भी संकेत मिले हैं। लिहाजा पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। जांच के बाद ही इस लूट की असल तस्वीर साफ हो सकेगी।
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाए हैं कि रविवार को पुलिस वाला बता कर तीन बदमाशों ने शिमला के टूटू के कारोबारी की स्कॉर्पियो गाड़ी पिंजौर-परवाणू बाईपास पर लूट ली। शिकायतकर्ता अभिषेक गुप्ता ने शिकायत में कहा है कि रविवार को वह अपने कजन गौरव गुप्ता के साथ अपनी स्कार्पियो में शिमला से चंडीगढ़ जा रहे थे, उस दौरान यह वारदात हुई।