चंद पैसों के लालच में आम लोगों की सुरक्षा को ताक पर लगाकर फर्जी मोबाइल सिम कार्ड बेचने वालों की अब खैर नहीं
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चंद पैसों के लालच में आम लोगों की सुरक्षा को ताक पर लगाकर फर्जी मोबाइल सिम कार्ड बेचने वालों की अब खैर नहीं। जिला भर में अगर पुलिस की नजर में कोई रिटेलर या होलसेलर ग्राहक की पहचान किए बगैर अगर सिम कार्ड बेचता है तो उसके खिलाफ एफआईआर होगी।
गृह मंत्रालय के निर्देशों पर अमलीजामा पहनाते हुए जिला सोलन में सिमकार्ड बेचने वाले रिटेलर और होलसेलर की बैठकें शुरू हो गई हैं। बुधवार को ऐसी ही बैठक दाड़लाघाट में संपन्न हुई। इसकी अध्यक्षता डीएसपी नरवीर सिंह राठौर ने की।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय के दिशा निर्देशानुसार प्रीपेड सिम विक्रेताओं के साथ मीटिंग आयोजित की गई। इसमें उन्होंने प्रीपेड सिम के डीलर्स तथा सेवा दाताओं के साथ विस्तृत चर्चा की। जानकारी देते हुए डीएसपी ने कहा कि अब तक प्रदेश में लगभग प्रदेश में 5712 सिम कार्ड जाली पाए गए हैं। एक अनुमान के मुताबिक सोलन में 500 से 700 तक सिम जाली हो सकते हैं।
लिहाजा ऐसे में पुलिस ऐसे रिटेलरस को जागरूक करके आगाह कर रही है। अगर किसी भी क्राइम इनवेस्टिगेशन में ऐसे मामले सामने आते हैं तो एफआईआर दर्ज हो सकती है। हिमाचल में ऐसे मामले में अब तक सात एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। डीलर्स और रिटेलर्स को आगाह करने के लिए बार-बार मीटिंग बुलाई जाती है ताकि वे जाली सिम बेचने से बचें। देश की सुरक्षा के लिहाज से भी फर्जी आईडी पर लिए गए सिम कार्ड घातक हैं।