बीबीएन में खनन माफिया के बुलंद हौसलों को पस्त करने के लिए पुलिस प्रशासन ने रात के समय खनन सामग्री ले जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। खनन विभाग की परमिशन या एफ फार्म होने के बावजूद भी कोई भी खनन सामग्री का ट्रक नहीं ले जा सकेगा।
खनन को पूरी तरह से रोकने के लिए शिमला मुख्य कार्यालय से रिजर्व बटालियन की दो टुकड़ियां तैनात कर दी हैं, जो संवेदनशील स्थानों पर दिन रात छापे मारेगी।
अगर किसी वाहन चालक के पास खनन विभाग से परमिशन और एम फार्म भी होगा तो भी उसे रात के दौरान नहीं जाने दिया जाएगा। एसपी ने रात्रि के दौरान होने वाले खनन कार्य को देखते हुए नए आदेश जारी किए है।
एक टुकड़ी रहेगी नालागढ़ में
बीबीएन से संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल को तैनात कर दिया है। यह पुलिस बल नदी, नालों और खड्डों में रात्रि के दौरान औचक निरीक्षण करेंगी। पुलिस हेड क्वार्टर शिमला से रिजर्व बटालियन की दो टुकड़ियां बद्दी भेजी गई हैं। इसमें एक टुकड़ी बद्दी तथा दूसरी को नालागढ़ में तैनात किया है।
जारी रहेगा अभियान: एसपी
एसपी बिशेर सिंह ने बताया कि एक से 14 फरवरी तक पुलिस ने 84 चालान किए हैं। इसमें 8 लाख 40 हजार 5 सौ रुपये का जुर्माना वसूला है। लेकिन इसके बावजूद खनन जारी है। इसके चलते खनन पर रात को भी प्रतिबंध लगाया है। यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक खनन पर पूरी तरह से लगाम नहीं लगेगा। उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील की है।
अब हो चुके हैं कई वारदातें
बीबीएन में अवैध खनन को अंजाम देने वालों के हौसले बुलंद हैं। चाहे दो वर्ष पहले एसडीएम नालागढ़ पर खनन माफिया द्वारा किया हमला हो या बद्दी के पूर्व एसपी के काफिले के साथ दादागिरी। बीबीएन में अवैध खनन का बोलबाला है। कई रसूखदार लोग भी इस गोरखधंधे में संलिप्त बताए जा रहे हैं। माफिया ने लोगों के खेतों में कई फीट गड्ढे करके खनन सामग्री निकालकर उन्हें बेकार कर दिया है। वहीं पुलिस हर वर्ष खनन माफिया के खिलाफ विशेष अभियान छेड़ती है। लेकिन सारी कवायद चंद दिन में ही हांफ जाती है। रात्री प्रतिबंध तो लगा दिया है, लेकिन सख्ती चंद दिन तक रहेगी या देर तक संशय की स्थिति है।