बद्दी के बिरला टैक्सटाइल उद्योग के मिक्सिंग रूम में सुबह करीब तीन बजे आग लग गई। हादसे के वक्त करीब पचार श्रमिक प्रोडक्शन के कार्य में लगे थे। धुआं उठते ही अफरा-तफरी मच गई। श्रमिकों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए आसानी से मिक्सिंग रूम से बाहर निकले, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया।
सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम दो फायरब्रिगेड के साथ मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। आग लगने के कारणों का पता नहीं लग सका है। प्रारंभिक तौर पर करीब लाखों का नुकसान आंका जा रहा है।
मिली जानकारी के मुताबिक रविवार तड़के 2.57 बजे बिरला टैक्सटाइल कंपनी में प्रोडक्शन चल रही थी। इस दौरान मिक्सिंग रूम में रूई में अचानक आग भड़क गई। श्रमिकों का इस ओर ध्यान गया। इससे पहले की आग विकराल रूप धारण करती एक-एक कर श्रमिक प्रोडक्शन यूनिट से बाहर निकल गए। इस बीच आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। दमकल विभाग के फायर आफिसर प्रकाश चंद ने कहा कि सूचना मिलते ही दो दमकल वाहन मौके पर पहुंचे। उसके बाद आग पर एक घंटे में काबू पा लिया गया।
उन्होंने कहा कि आग से उद्योग की मशीनरी व रूई जलकर राख हो गई है। नुकसान लाखों में हो सकता है। इसका आकलन किया जा रहा है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। वहीं उद्योग प्रबंधन की ओर से मौके पर समय रहते आग काबू करने के सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग किया गया।
इस कारण दमकल विभाग को भी आग काबू करने में अधिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। प्रबंधन के पुख्ता सुरक्षा प्रबंधों के कारण कामगारों को हादसे की चपेट में आने से बचा लिया गया। अन्यथा करोड़ों की संपत्ति जलकर राख हो जाती।
धागा मिल बिरला टैक्सटाइल में इस साल तीसरी बार आग लगने से लाखों का नुकसान हुआ है। उद्योग में इससे पूर्व 29 जुलाई को मशीन में स्पार्किंग के चलते आग लगी थी। आग के कारण उद्योग को 30 लाख का नुकसान हुआ था। उसके बाद 25 अक्तूबर को भी उद्योग के स्क्रैब में आग लगने से दो हजार रुपये का नुकसान हो चुका है।
इसके अलावा विनसम टैक्सटाइल उद्योग में 17 दिसंबर को आग लगने से 25 लाख रुपये का नुकसान पहुुंचा था। स्पार्किंग के कारण ही उद्योग की मशीनरी में आग लगी थी। क्षेत्र के एक अन्य धागा उद्योग अरिष्ट टैक्सटाइल में पांच अगस्त को मशीनरी में स्पार्किंग के चलते आग लगने से 20 लाख रुपये की मशीनरी व कच्चा माल जला है।
फायर अधिकारियों का कहना है कि बीबीएन में इस साल धागा मिलों में आग के पांच मामले सामने आ चुके हैं। इन घटनाओं में मशीनों में स्पार्किंग के कारण ही आग लगती है। माना जा रहा है कि मशीनरी में रूई की मिक्सिंग के दौरान पत्थर अथवा लोहे के कण आने से होने वाली स्पार्किंग से ही यह आग लगती है। इसके लिए प्रबंधन को एहतियात बरतने होंगे।