अमर उजाला ब्यूरो
परवाणू (सोलन)।
औद्योगिक क्षेत्र में पर्यावरण के साथ खिलवाड़ के मामले में प्रदूषण बोर्ड की कार्रवाई जारी है। इस बार प्रदूषण बोर्ड ने 7 और उद्योगों के बिजली पानी काटने के लिए नोटिस जारी किए हैं। इन 7 उद्योगों के साथ अब तक 44 उद्योगों पर गाज गिर चुकी है।
गौर हो कि परवाणू में पर्यावरण के साथ खिलवाड़ मामले प्रदूषण बोर्ड को हाईकोर्ट से सख्त कार्रवाई के आदेश जारी हुए थे। इसके बाद प्रदूषण बोर्ड ने नियमों को ताक पर रख कर चलने वाले सभी उद्योगों पर एक-एक कर कार्रवाई करनी शुरू कर दी। प्रदूषण बोर्ड ने सबसे पहले 9 उद्योगों की बिजली काटी थी। इसमें शहर के कई नामी उद्योग के साथ-साथ नगर परिषद परवाणू भी शामिल था। बता दें कि परवाणू शहर में पर्यावरण के साथ खिलवाड़ करने के कई मामले सामने आ चुके हैं। इसके बावजूद पहले कभी इन उद्योगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई थी। परंतु हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रदूषण बोर्ड ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
टैक्स डिफाल्टरों पर भी गिरी गाज
शहर में पर्यावरण के साथ खिलवाड़ मामले में टैक्स डिफाल्टरों पर भी गाज गिर चुकी हैं। अभी तक नगर परिषद ने पहले 37 डिफाल्टरों के बिजली-पानी काटे थे। वीरवार को भी 20 व्यवसायिक टैक्सधारकों की एक सूची बिजली पानी काटने के लिए बिजली बोर्ड और हिमुडा को बेच दिया हैं।
चूल्हा उद्योगों पर गाज
प्रदूषण बोर्ड ने अभी तक जिन उद्योगों के खिलाफ कार्ररवाई की हैं, उनमें से अधिकतर चूल्हा उद्योग हैं। ये बिना एनओसी के चल रहे हैं। चूल्हा उद्योगों के पर्यावरण के साथ खिलवाड़ करने के मामले सामने आए हैं। चूल्हा उद्योग न तो प्रदूषण बोर्ड के नियमों की पालना करते हैं और न ही उनके पास अवशिष्टों को ठिकाने लगाने के लिए कोई चित व्यवस्था है।
सात और उद्योगों की लिस्ट भेजी
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिशासी अभियंता ललित ठाकुर ने बताया कि अभी तक करीब 44 उद्योगों के खिलाफ कार्रवाई हुई है। इसमें से 7 लिस्ट भी भेज दी है। निर्देश मिले हैं कि उद्योगों के निरीक्षण किए जाएं और नियमों को ठेंगा दिखाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। आने वाले दिनों में भी कार्रवाई जारी रहेगी। प्रदूषण बोर्ड को हाईकोर्ट से आदेश मिले हैं कि सभी उद्योगों के निरीक्षण किए जाए और नियमों को ठेंगा दिखाने वाले उद्योगों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई अमल में लाई जाए।
जैसे नोटिस मिल रहे हैं वैसे कार्रवाई : ईओ
नगरपरिषद के कार्यकारी अधिकारी सुधीर कुमार शर्मा ने बताया कि जैसे नोटिस मिल रहे हैं उसके आधार पर कार्रवाई की जा रही है। 20 व्यवसायिक डिफाल्टरों की लिस्ट भेज दी है। जिन पर कार्रवाई की जाएगी।