कुनिहार (सोलन)। पति की अंत्येष्टि के दिन ही पत्नी ने भी दम तोड़ दिया। नालागढ़-कुनिहार मार्ग पर काटल गांव के पास 23 मार्च को कार दुर्घटना में दंपती गंभीर रूप से घायल हो गया था। कुनिहार क्षेत्र के समाजसेवी एवं रिटायर्ड फ्लाइट लेफ्टिनेंट डॉक्टर डीआर वर्मा (85) ने सोमवार को अंतिम सांस ली। मंगलवार को उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव बुघार कनैता में सैनिक सम्मान के साथ हो ही रहा था कि उनकी पत्नी कृष्णावती (75) ने भी इस दुनिया को अलविदा कह दिया।
गौर रहे कि शनिवार दोपहर करीब 3 बजे कुनिहार से 3 किलोमीटर दूर नालागढ़ मार्ग पर काटल गांव के कार करीब 100 फीट गहरी खाई में लुढ़क गई थी। गाड़ी में सवार रिटायर्ड फ्लाइट लेफ्टिनेंट डीआर वर्मा और उनकी पत्नी कृष्णावती घायल हो गए थे। स्थानीय ग्रामीणों ने उनको खाई से बाहर निकाला और सिविल अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया गया था। शिमला से कमांड हॉस्पिटल चंडी मंदिर पंचकूला रेफर किया गया। सोमवार को डीआर वर्मा का निधन हो गया। मंगलवार को उनका अंतिम संस्कार जब पैतृक गांव बुघार कनैता में किया जा रहा था तो उनकी पत्नी ने भी दम तोड़ दिया। कृष्णावती का अंतिम संस्कार बुधवार को किया जाएगा।
डॉ. डीआर वर्मा ने कुनिहार के जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में अपनी पहचान बनाई थी। डीआर वर्मा साधारण परिवार से संबंध रखते थे। उनकी प्रारंभिक शिक्षा रामपुर में हुई। इसके बाद उच्च शिक्षा सुबाथू में हुई। इसके बाद वे भारतीय वायु सेना में भर्ती हो गए थे। उत्कृष्ट सेवा के लिए उन्हें कई पदकों से नवाजा गया। भारतीय वायु सेना में फ्लाइट लेफ्टिनेंट के रैंक से सेवानिवृत्त हुए थे। फ्लाइट लेफ्टिनेंट डीआर वर्मा की शादी कृष्णावती वर्मा के साथ हुई थी। इनके दो पुत्र और एक पुत्री है। बड़े पुत्र परमानंद वर्मा भारतीय थल सेना से मेजर जनरल सेवानिवृत्त हैं। दूसरे पुत्र धर्म वर्मा इंदौर के प्रतिष्ठित कॉलेज में डीन के पद पर कार्यरत हैं। जबकि उनकी पुत्री सुनीता वर्मा एजी ऑफिस शिमला में सेक्शन अफसर के पद पर हैं। डॉक्टर वर्मा ने होम्योपैथी में भी डिग्री प्राप्त की थी। वे होम्योपैथी के विशेषज्ञ भी थे। इसके साथ ही वह बीएल स्कूल कुनिहार के प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष के पद पर भी आसीन थे।