प्लाट बनाने की मंजूरी लेकर खनन कार्य को दिया जा रहा अंजाम, बद्दी से सोलन तक फैला है माफिया का जाल
खनन कार्य में इस्तेमाल कई वाहन भी जब्त
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन।
खनन माफिया पर विभाग ने शिकंजा कस दिया है। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद हरकत में आए विभाग ने दो माह के भीतर 51 चालान काटकर करीब दो लाख रुपये जुर्माना वसूला है। जुर्माना अदा न करने के कुछ मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं। बद्दी और नालागढ़ से जिला मुख्यालय तक खनन माफिया की जड़ें फैली हुई हैं। खनन विभाग ने हालांकि कुछ परमिट भी पांच साल के लिए जारी किए हैं। लेकिन अधिकतर मामलों में खनन माफिया प्लाट विकसित करने के नाम पर मंजूरी लेकर रेत-बजरी का कारोबार चला रहा है।
विभाग ने खनन कार्य में लगे लोगों के चालान काटे हैं और रेत या बजरी ढो रहे ट्रैक्टर, टैंपों तथा दूसरे मालवाहक वाहनों को जब्त किया है। नवंबर में खनन विभाग ने कार्रवाई के दौरान बीस मामले पकड़े थे। इनमें से आठ मामले खनन के थे। बारह मामले बिना परमिट रेत और बजरी ले जाने के शामिल हैं। दिसंबर में 31 मामले पकड़े गए थे। इनमें 16 मामले अवैध खनन और 15 मामले ढुलाई से जुड़े थे। उपमंडल सोलन में रेत कारोबार के लिए खनन विभाग ने आठ ठेकेदारों को इजाजत दे रखी है। इसके अलावा कुछ लोगों ने प्लाट बनाने के नाम पर खनन कार्य को अंजाम दिया।
उपमंडल में आठ परमिट जारी
उपमंडल सोलन में रेत की आठ खानों को खनन विभाग ने मंजूरी दी है। इनमें खनन करने वालों ने विभाग के पास रॉयल्टी जमा करवाई है। यह लोग पांच साल तक खनन कार्य को अंजाम दे सकते हैं। इनमें किए जा रहे खनन कार्य की जांच भी विभाग को करनी है कि खनन वैज्ञानिक ढंग या अवैज्ञानिक तरीके से हो रहा है।
विभाग करता है कार्रवाई : अश्वनी कुमार
खनन विभाग के निरीक्षक अश्वनी कुमार ने बताया कि विभाग समय-समय पर खनन कार्य की निगरानी करता है। खनन में जुटे ठेकेदारों के लाइसेंस जांचे जाते हैं। इसके अलावा रेत या बजरी ढो रहे मालवाहक वाहनों के परमिट की जांच की जाती है। इनमें यदि कोई कमी पाई जाती है तो विभाग उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करता है। पिछले साल के आखिरी दो महीनों में 51 चालान काटे गए हैं और एक लाख 99 हजार 100 रुपये जुर्माना वसूला है।