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महिला से मारपीट मामले में मंत्री पर दखलअंदाजी का आरोप

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अमर उजाला ब्यूरो

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सोलन। धर्मपुर में महिला पर जानलेवा हमले के बाद दलित मुक्ति मंच और स्थानीय निवासियों ने उपायुक्त से मुलाकात की। इस मौके पर मंच के सदस्यों ने आवश्यक कार्रवाई की मांग की। लोगों ने आरोप लगाया कि स्थानीय मंत्री ने इस मामले में उनका साथ नहीं दिया और मामले को दबाने के लिए दबाव भी बनाया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने उपायुक्त को बताया कि 25 जनवरी को महिला के साथ मारपीट की गई थी और उसे जाति सूचक शब्द बोले गए थे। इसके बाद महिला और उसके परिजन थाने गए लेकिन वहां उनकी बात नहीं सुनी गई।

इस मौके पर मंच के सदस्य प्यारे लाल, मोहित वर्मा, राकेश, शिल्पा, प्रतिमा, सुषमा देवी, केवल राम, सुभाष, रामरत्न, अजय, नितिश और डीसी रावत ने कहा कि इससे पहले सिरमौर के शिलाई में आरटीआई कार्यकर्ता और दलित नेता केदार सिंह जिंदान की हत्या की गई। चौपाल खंड के नेरवा में एक नेता दलित युवक रजत की पीट-पीट कर हत्या की गई। इसके बाद कुल्लू जिला के बंजार में देवा कार्यक्रम में सामूहिक रूप से दलितों की पिटाई की गई और जातिसूचक शब्द कहकर उन्हें अपमानित भी किया गया।
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25 जनवरी को सोलन के धर्मपुर खंड में रौड़ी गांव में महिला के साथ मारपीट की और उस मामले में अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। इन घटनाओं की वजह से दलितों में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है। उन्होंने स्थानीय स्थानीय मंत्री ने इस मामले में उनका साथ नहीं दिया और मामले को दबाने के लिए दबाव भी बनाया। उधर, उपायुक्त विनोद कुमार ने मामले की गंभीरता से जांच करने बात कही है। उन्होंने शिकायतकर्ताओं को आश्वासन दिया कि इस मामले पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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किसी पर दबाव नहीं बनाया : डॉ. सैजल
सहकारिता मंत्री डॉ. राजीव सैजल ने बताया कि उन्होंने मामले पर कोई दबाव नहीं बनाया है। वे मामले की निष्पक्ष जांच चाहते हैं। उन्होंने कहा कि उनका पहला प्रयास यही है कि क्षेत्र में शांति बनी रहे और लोग एकजुट होकर रहें। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह के मारपीट के मामले को लेकर उन्होंने थाने में फोन नहीं किया और न ही वे कभी करेंगे।

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