बद्दी (सोलन)। प्रदेश की औद्योगिक राजधानी बीबीएन में बेलगाम खनन माफिया पर नकेल कसना आसान नहीं है। जब भी अधिकारियों ने खनन माफिया पर नकेल डालनी चाही तो खनन माफिया का सामना हुआ। कई मामले बने और प्रदेश की राजनीति में भी इस क्षेत्र में हुए प्रकरण खूब सुर्खियों में रहे। क्षेत्र में खनन माफिया की सक्रियता से भू संपदा को जहां कौड़ियों के भाव बेचकर माफिया के लोग मोटी कमाई कर रहे हैं, वहीं क्षेत्र के करीब एक दर्जन पुल व सिंचाई योजनाएं इसकी भेंट चढ़ चुकी हैं। अवैध खनन के मामलों में पुलिस व प्रशासन ने करोड़ों रुपये का राजस्व सरकार के कोष में जमा करवाया है। लेकिन, खनन माफिया पर नकेल नहीं लग सकी है। आज भी क्षेत्र में धड़ल्ले से अवैध खनन हो रहा है, जबकि न्यायालय के आदेशानुसार अवैध व अवैज्ञानिक ढंग से खनन पूरी तरह से बंद है।
अवैध खनन पर कार्रवाई के दौरान अधिकारियों के साथ झड़प के मामले लोगों के जहन में आज भी हैं। नालागढ़ में नायब तहसीलदार, एक आईएएस व एक आईपीएस अधिकारी के अलावा पुलिस कर्मचारियों को कई बार इनसे दोचार होना पड़ा है। आईएएस अधिकारी तत्कालीन एसडीएम नालागढ़ डॉ. यूनुस के साथ 7 अगस्त, 2013 को सैणीमाजरा के समीप सरसा नदी में हुए प्रकरण के बाद मामला दर्ज किया गया। यह मामला काफी सुर्खियों में रहा। मामले के ठीक 21 दिन बाद मानपुरा में नदी की ओर जा रहे आईपीएस अधिकारी तत्कालीन एसपी बद्दी एस अरुल कुमार की गाड़ी के काफिले को दो ट्रैक्टरों ने रोक दिया। एसपी को सूचना मिली थी कि नदी में खनन हो रहा है, लेकिन वह नदी तक पहुंच ही नहीं पाए थे।
दून के विधायक और पूर्व एएसपी बद्दी के बीच में चल रहे खनन रोकथाम का विवाद तो विधानसभा में भी गूंज चुका है। नालागढ़ उपमंडल के बसोट गांव में अवैध खनन की शिकायत पर नायब तहसीलदार की टीम ने मौके पर जब एक जेसीबी व दो ट्रैक्टरों को धर दबोचा तो उन्हें खनन माफिया की दबंगई का शिकार होना पड़ा। जहां दबाड़ी पंजाब के एक व्यक्ति ने तैश में आकर हाथ में तलवार लहराई और जेसीबी व ट्रैक्टरों को नहीं जाने देने को कहा। पंजाब से दो टिप्पर दभोटा चौकी बैरियर से बेलगाम होकर हिमाचल सीमा में घुसे तो दभोटा चौकी के जवान बाइक पर इनका पीछा करने निकले। जब एक टिप्पर को पकड़ने में सफलता पाई तो टिप्पर मालिक पंजाब निवासी ने पुलिस कर्मियों से हाथपाई की और बाइक की चाबी निकाल टिप्पर चालक को रवाना कर दिया, जिस पर चालक टिप्पर लेकर फरार हो गया।
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किसी सूरत में नहीं बख्शे जाएंगे खनन माफिया : एसडीएम
एसडीएम आशुतोष गर्ग ने कहा कि अवैध व अवैज्ञानिक किसी भी ढंग का खनन किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं होगा। खनन माफियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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पुलिस अपने काम से नहीं हटेगी पीछे : एसपी
एसपी बद्दी राहुल नाथ ने कहा कि पुलिस अपना काम बखूबी ढंग से कर रही है। पुलिस नियम व कानून तोड़ने वालों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शेगी।
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पुलिस और प्रशासन के अलावा अन्य विभाग बने मूकदर्शक
अवैध खनन कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की शक्तियां तकरीबन सभी विभागों के पास हैं। नालागढ़ में उपमंडल प्रशासन द्वारा सभी विभागों की संयुक्त टीम भी गठित की गई। जिस पर कुछ विभाग सक्रिय हुए। वन व खनन विभाग भी बीच बीच में कार्रवाई करता रहता है। जबकि, अन्य विभाग मूकदर्शक बने हुए हैं। यहां तक कि पंचायतों को भी अवैध खनन कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का हक दिया गया है, लेकिन पंचायतें किसी के खिलाफ कार्रवाई करने से गुरेज करती हैं। ऐसे में सवाल उठते हैं कि क्या पुलिस व प्रशासन की है खनन माफिया पर नकेल कसने की जिम्मेवारी और क्यों दूसरे विभाग खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई नहीं करते हैं। यह विभाग अपना पल्लू झाड़ते रहते हैं।