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दवा कंपनी में आग लगने से लाखों का नुकसान

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देउंघाट में अाग लगने से क्ष‌त‌िग्रस्त सामान। - फोटो : अमर उजाला
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सोलन। शहर के देउंघाट स्थित एथिकस दवा कंपनी के अंतिम फ्लोर में आग लगने से लाखों का सामान जल गया। हालांकि अभी आग से हुए नुकसान का आंकलन नहीं हुआ है लेकिन आग की भेंट चढ़े सामान की कीमत लाखों में बताई जा रही है। आग लगने के कारणों का अभी खुलासा नहीं हो पाया है। दमकल विभाग ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हादसे के वक्त काफी कर्मचारी दवा कंपनी के अंदर थे लेकिन आग लगते ही सभी बाहर निकल आए इससे कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। आग से भारी नुकसान हो सकता था लेकिन दमकल विभाग ने बॉयलर और एलपीजी गैस सिलेंडर को आग की चपेट में आने से बचा लिया। कंपनी प्रबंधन आग का कारण शाटसर्किट बता रहा है।
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आग लगने की घटना करीब 12:40 की है। इसकी सूचना तत्काल दमकल को दी गई। इस दौरान क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल बन गया। दमकल विभाग के मौके पर पहुंचने तक कंपनी के कामगारों ने आग पर कुछ हद तक काबू पा लिया था। इसके बाद दमकल कर्मचारियों ने आग पर नियंत्रण पाया। पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया।
जानकारी के अनुसार करीब 12:56 पर दवा कंपनी के अंतिम फ्लोर में सफाई करने गई महिला कर्मचारी ने एक कमरे से आग की लपटें उठती देखीं। इसके बाद उसने इसकी सूचना कंपनी प्रबंधन को दी। कंपनी प्रबंधन ने आग की सूचना दमकल विभाग को दी। इतने में कंपनी में कार्यरत करीब 60 कामगार और स्टाफ के 20 सदस्य कंपनी से बाहर निकल गए। कुछ एक कामगारों ने तुरंत बिजली का कनेक्शन काटा और आग बुझाना शुरू की। लेकिन भवन की छत और केमिकल के बैग में आग लगने के कारण चारों तरफ धुआं फैल गया। इस कारण आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया। इस बीच दमकल विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच कर सीओटू और पानी की मदद से आग पर काबू पाया। इसके बाद पुलिस की टीम ने भी मौके पर पहुंच कर आग लगने वाले स्थान का निरीक्षण किया।
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हो सकता था बड़ा हादसा
दवा कंपनी के जिस फ्लोर में आग लगी थी उस स्थान पर बॉयलर सहित एक एलपीजी का सिलेंडर भी पड़ा था। यदि इन दोनों में से कोई एक भी आग को पकड़ लेता तो नुकसान बहुत अधिक हो सकता था। इसका खामियाजा संबंधित कंपनी सहित आसपास के घरों और होटलों को भी भुगतना पड़ सकता था। इससे पूरा कारखाना आग की भेंट चढ़ सकता था। जान और माल दोनों का काफी नुकसान हो सकता था।

समय रहते बुझा दी थी आग : महेश
फायर स्टेशन प्रभारी महेश शर्मा ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल की दो गाड़ियों को मौके पर भेज दिया था। अभी तक आग लगने के कारणों पता नहीं चल पाया है। आग से हुए नुकसान का भी जायजा लिया जा रहा है। घटना और खतरनाक हो सकती थी यदि समय रहते आग पर काबू न पाया जाता। इस मौके पर उनकी टीम से लीडिंग फायर मेन राजेंद्र सैन, सुभाष चंद, सुरेंद्र कुमार, राजेंद्र कुमार, राजेश तंनवर, रणवीर, अत्र सिंह, पवन कुमार, प्रीतम और सुरेश मौजूद रहे।
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