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सोलन पुलिस ने शिमला में दबोचे चोरी के आरोपी दंपति

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सोलन। चंबाघाट में चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले दंपति को सोलन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को शिमला के नजदीक बनूटी से पकड़ा गया। यहां वे किराये के कमरे में रह रहे थे। पुलिस ने स्केच के आधार पर दोनों की गिरफ्तारी की है।
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दंपत्ति की पहचान कमल ठाकुर पुत्र बलविंद्र उम्र 25 वर्ष निवासी घुमारवीं और उसकी पत्नी मधुवाला के रूप में हुई है। दोनों प्रदेश में पहले भी कई चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। सोलन समेत अन्य कई थानों में आरोपियों पर केस चल रहे हैं। आरोपी दंपति ने सोलन के चंबाघाट में शूलिनी मेले के दौरान एक घर का ताला तोड़कर गहने और नकदी पर हाथ साफ किया था। पीड़ित अमिता शर्मा निवासी चंबाघाट में उसके घर से ढाई लाख रुपये की चोर ीकी प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। मामला दर्ज होने के बाद से पुलिस सरगर्मी के साथ आरोपियों की तलाश कर रही थी। घटनास्थल के आसपास पुलिस ने पूछताछ की और कुछ लोगों के बयान के आधार पर आरोपियों के स्केच तैयार किए। यह स्केच इन दोनों आरोपियों की शक्ल से मिल रहे थे। इसके बाद पुलिस ने दोनों की तलाश शुरू की। पुलिस को इनके शिमला के बनूटी में किराये के घर में रहने की सूचना मिली। यहां पुलिस की विशेष टीम ने बुधवार को दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को सोलन लाया गया है। पुलिस के अनुसार शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने चोरी का गुनाह कबूल कर लिया है। पुलिस अब दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करेगी।

स्केच के आधार पर हुई गिरफ्तारी : एसपी
एसपी अंजुम आरा ने बताया कि दोनों आरोपियों के संबंध में गुप्त सूचना मिली थी। पुलिस ने चोरी के बाद घटनास्थल पर छानबीन की और उसके आधार पर स्केच तैयार किए। दोनों चर्चित आरोपी हैं और पहले भी कई मामलों शामिल रहे हैं। स्केच के दोनों की शक्लें मिलने के बाद एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम ने आरोपियों का पता लगाया। इसके बाद बुधवार को दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल आरोपियों का रिमांड मांगा जाएगा और इसके बाद चोरी के गहने समेत अन्य मामलों के बारे में तफतीश शुरू होगी।
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पहले दोस्ती फिर दगा
आरोपी दंपति चोरी को अंजाम देने के बाद ठिकाना बदल लेते थे। यह अक्सर उन घरों को निशाना बनाते रहे हैं जहां इन्हें आसानी से किराये पर रहने के लिए जगह मिल जाती थी। कुछ दिन तक मकान मालिक के साथ दोस्ती करने के बाद यह दंपति घर की सारी जानकारी हासिल कर लेते थे और चोरी की घटना को आसानी से अंजाम देकर फरार हो जाते थे।
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