नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़-स्वारघाट एनएच-21 ए मार्ग पर दत्तोवाल स्थित एक फोम और फर्नीचर का शोरूम अचानक लगी आग में जलकर राख हो गया। इसमें लाखों रुपये का नुकसान बताया जा रहा है। आग इतनी भयंकर थी कि चारों तरफ धुएं के गुबार उठ रहे थे। फायर ऑफिसर के मुताबिक आग से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है जबकि 10 करोड़ की संपत्ति को जलने से बचा लिया है। दमकल विभाग की छह गाड़ियां आग पर काबू पाने में लगी हुई थीं। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
आग लगने के कारण साफ नहीं हैं और फायर ब्रिगेड की टीम को पूरी तरह से आग बुझाने में 3 घंटे लग गए। आग शोरूम के बेसमेंट में लगी जिससे बेसमेंट में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया है। गनीमत यह रहा कि आग से किसी को जानी नुकसान नहीं हुआ है। घटना स्थल पर डीएसपी अनिल वर्मा, नायब तहसीलदार एचसी कश्यप मौके पर पहुंचे और जायजा लिया। वीरवार सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे नवकार फोम और फनीचर शोरूम के बेसमेंट में आग लग गई। आग लगने से वहां अफरा तफरी मच गई।
घटना के वक्त वहां करीब आधा दर्जन से ज्यादा लोग काम कर रहे थे। सभी अपनी जान बचाने के लिए बाहर की ओर भागे। आग लगने की सूचना तुरंत दमकल विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग के फायर ऑफिसर हितेंद्र कंवर, सब फायर आफिसर पीर सहाय कौंडल, फायर आफिसर बददी देवेंद्र सिंह अपनी टीम और गाड़ियों सहित मौके पर पहुंचे तथा आग पर काबू पाने में जुट गए। आग इतनी ज्यादा थी कि बद्दी से भी तीन गाड़ियां बुलानी पड़ीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग बीच में कम हो गई थी कि अचानक फिर से भड़क उठी। आग इतनी भयंकर थी कि चारों तरफ धुआं धुआं हो गया था। अग्निशमन विभाग को आग पर काबू करने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। शोरूम के बेसमेंट में लगी आग को बुझाने के लिए शॉरूम की दीवारों को भी तोड़ना पड़ा ताकि पानी की बौछार वहां तक पहुंच सके। घंटों तक कड़ी मेहनत करने के बाद आग पर काबू पाया गया। शोरूम के मालिक दीपक जैन ने बताया कि आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। बेसमेंट में फोम के तैयार गद्दे और कच्चा फर्नीचर का लाखों रुपये का सामान रखा था। इसमें कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।
फायर ऑफिसर हितेंद्र कंवर ने बताया कि सूचना मिलने के बाद टीमें मौके पर पहुंची और 3 घंटे में आग को बुझा दिया गया। उन्होंने कहा कि आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। छह गाड़ियों से तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया। अग्निकांड की इस घटना में हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।