नालागढ़/बद्दी (सोलन)। उद्योगों में ट्रीटमेंट प्लांट न होने और बारिश की आड़ में प्रदूषित पानी खुले नदी-नालों में छोड़ा जा रहा है। बद्दी-नालागढ़ हाईवे पर भुड्ड की सड़क पर इस प्रदूषण की वजह से पानी पूरी तरह लाल हो गया। इससे आम लोगों के गंभीर बीमारियों के चपेट में आने का खतरा है। बारिश की आड़ में छोड़े गए इस पानी को देखकर हर कोई हैरान है। लोग प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्रवाई पर भी सवाल उठा रहे हैं।
केमिकल युक्त पानी के सड़क पर आने के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इसके सैंपल भरे हैं। अधिकारियों ने कहा कि सैंपल फेल होने की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हैरत इस बात की है कि विभाग अब जाकर जागा है, जब यह केमिकल युक्त पानी सड़कों पर आया है। लोगों का कहना है कि विभाग पहले ही जाग जाता और सैंपलिंग करता तो आज यह दूषित पानी सड़कों पर नजर नहीं आता।
लोगों का आरोप है कि कुछ उद्योगों के पास अपने ट्रीटमेंट प्लांट नहीं हैं। कुछ ने प्लांट लगाए भी हैं तो वह मात्र दिखावे के लिए है। बरसात की आड़ में एकत्रित दूषित पानी को खड्डों और नालों में छोड़ दिया जाता है। खासतौर पर क्षेत्र की सरसा नदी पूरी तरह से प्रदूषित हो चुकी है। उद्योगों द्वारा छोड़े जा रहे केमिकल युक्त पानी से मछलियां मरने की कई बार घटनाएं हो चुकी हैं। क्षेत्र की नदियों और नालों के पानी का उपयोग किसान हजारों एकड़ भूमि की सिंचाई के लिए करते हैं लेकिन ऐसे केमिकल युक्त प्रदूषित पानी से किसानों की भूमि बंजर होने लगी है। लोगों के स्वास्थ्य से भी खिलवाड़ हो रहा है।
किसानों की खेती होने लगी तबाह
पंचायत उपप्रधान गुरदास चंदेल, डॉ. धर्मपाल, सोनू सैणी, प्रदीप सैणी, गुरनाम सिंह, बालकराम, श्याम लाल, बालकृष्ण, सोमनाथ बीडीसी, जीतराम सैणी, प्रवीण कुमार शर्मा, नरेश कुमार, दर्शन कुमार, पाल चंद, बलदेव राज, वीना शर्मा, सुमन शर्मा, कांता शर्मा, राजेंद्र सैणी और अन्य लोगों ने कहा कि क्षेत्र में जैसे ही बारिश के साथ नाले बहने लगते हैं तो उद्योग का केमिकल वाला जहरीला पानी भी नालों में बहने लगता है। यह पानी उनके खेतों में आ जाता है, जिससे उनकी फसलें भी खराब हो रही हैं और साथ ही भूमि भी बंजर बन रही है। स्थानीय लोगों का कहना कि इस केमिकल युक्त पानी के कारण पशु भी बीमार हो रहे हैं और लोगों के स्वास्थ्य पर इसका विपरीत असर पड़ रहा है।
शिकायत मिलने पर भरे हैं सैंपल : बोर्ड
एक्सइएन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बृजभूषण शर्मा ने कहा कि विभाग के पास शिकायत आई है। इस पर चार कंपनियों की जांच की गई। एक कंपनी से प्रदूषित पानी आ रहा था। इसके सैंपल भरे गए हैं।सैंपल फेल होते हैं तो बोर्ड कड़ी कार्रवाई अमल में लाएगा।