फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आंजी में दरारों की गहराई मापने पहुंचा राजस्व विभाग, एक-एक घर की हुई पड़ताल

विज्ञापन
विज्ञापन
आखिर घरों में आईं दरारें मापने पहुंचा प्रशासन, एक-एक घर जांचा
विज्ञापन

फॉलोअप : आंजी के कई घरों में दरारें आने के बाद राधा स्वामी सत्संग और ग्रामीणों के बीच चल रहा है विवाद
राधा स्वामी सत्संग प्रबंधन की विशेषज्ञ टीम के एक दिन पहले किए दौरे से भड़क गए थे ग्रामीण
पहाड़ी खुदाई बंद करने और डंगा लगाने की मांग कर रहे हैं ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। आंजी में धंस रही पहाड़ी की वजह से घरों में आई दरारों की जांच के लिए आखिर प्रशासन हरकत में आ गया है। वीरवार को नायब तहसीलदार की अगुवाई में राजस्व विभाग का एक दल मौके पर पहुंचा और हालात का जायजा लिया। दल ने दरारों की जांच की और इनकी गहराई को भी माप लिया। दल के प्रतिनिधि एक-एक घर में गए। उन्होंने प्रभावित परिवारों से बातचीत की। राजस्व विभाग का यह दल आला अधिकारियों को पूरे मामले से जुड़ी जानकारी देगा। राजस्व विभाग इस मामले में अलग से रिपोर्ट तैयार कर रहा है। इससे पहले बुधवार को राधा स्वामी सत्संग की विशेषज्ञ टीम ने प्रभावित घरों का मुआयना किया था। घरों में पानी का उचित निकासी न होने को पहाड़ी धंसने की मुख्य वजह बताया था। इसके बाद ग्रामीणों और सत्संग प्रबंधन के बीच तनाव बढ़ गया। इसी कड़ी में वीरवार को आंजी के ग्रामीण पुलिस में मामला दर्ज करवाने पहुंच गए थे। लेकिन, सभी प्रभावितों के मौके पर मौजूद न होने की वजह से मामला दर्ज नहीं हो पाया।
आंजी में पहाड़ी पर स्थित एक दर्जन से अधिक मकानों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। इन दरारों के लिए ग्रामीणों ने सत्संग मैदान को चौड़ा करने के लिए की जा रही खुदाई को जिम्मेदार बताया है। ग्रामीणों का एक प्रतिनिधि मंडल इस सिलसिले में उपायुक्त सोलन से भी मुलाकात कर चुका है। इसके बाद सत्संग प्रबंधन ने एक विशेषज्ञों की टीम बुलाई थी। इस टीम ने मुआयना करने के बाद प्रभावितों को मुआवजे की पेशकश की जबकि रोकथाम के लिए अन्य उपाय भी सुझाए हैं। हालांकि, ग्रामीण मैदान में पहाड़ी की तरफ की जा रही खुदाई को पूरी तरह से बंद करवाना चाहते हैं और पहाड़ी की रोकथाम के लिए डंगा लगाने की मांग कर रहे हैं। साथ ही उनके घरों को दरारों की वजह से जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई की भी मांग सत्संग प्रबंधन से कर रही है। इस वजह से प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच में तनाव का माहौल बना हुआ है।
विज्ञापन

प्रशासन ने बात नहीं सुनी तो हाईकोर्ट जाएंगे : ग्रामीण
प्रभावित ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कर रहे सुनील गुप्ता ने बताया कि प्रभावित प िरवार पूरे पुलिस में मामला दर्ज करवाएंगे। इसके लिए परिवारों में सहमति बन गई है। उन्होंने बताया कि इस सिलसिले में वीरवार को ग्रामीण पुलिस चौकी सपरून में मामला दर्ज करवाने भी गए थे। किन्हीं कारणों से मामला दर्ज नहीं हो पाया है। अब शुक्रवार को सत्संग प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज करवाया जाएगा। यदि प्रशासन ने उनकी बात नहीं सुनी तो प्रभावित इस मामले में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
विज्ञापन

धरातल की जानकारी जुटा रहा राजस्व विभाग : एसडीएम
एसडीएम रोहित राठौर का कहना है कि समाचार पत्रों से पूरे मामले की जानकारी मिली थी। इसके बाद नायब तहसील, कानूनगो व पटवारी को मौके पर भेजा गया था। उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग तथ्य एकत्र कर रहा है। तथ्य जुटाने गए राजस्व विभाग के अधिकारियों ने प्रभावितों से बातचीत की है। उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग के माध्यम से मामले की जानकारी जुटाई जा रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें