महिला को सम्मानित करते एसपी मोहित चावला।
- फोटो : अमर उजाला
कंडाघाट (सोलन)। चुनाव से पूर्व कानून और नियमों का पालन कर अपनी बंदूक थाने में जमा करवाने वाली 92 साल की शौंकू देवी को पुलिस ने सम्मानित किया है। यही नहीं बंदूक लौटाने भी पुलिस अधीक्षक मोहित चावला स्वयं उनके निवास स्थान पहुंचे थे। चुनाव के दौरान शांति दूत बनी शौंकू देवी पत्नी स्वर्गीय केसरू राम निवासी गांव कनोह तहसील कंडाघाट ने खुद कंडाघाट थाना में आकर अपनी बंदूक को जमा करवाया था।
शौंकू देवी की इस पहल के बाद पंचायत बीशा के अन्य लोगों ने भी अपनी अपनी बंदूकें थाना में जमा करवाई थीं। चुनाव में शौंकू देवी की एक रोल मॉडल के रूप पहचान बनी थीं। एसपी मोहित चावला ने कहा कि शौंकू देवी ने जिस प्रकार नियमों का अनुसरण कर अपनी बंदूक को पुलिस थाने में जमा करवाया वह प्रशंसनीय है। इनके इस कर्तव्य पालन पर पुलिस ने इन्हें शांति दूत की संज्ञा दी है। चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने के बाद और नई सरकार का गठन होने के बाद एसपी मोहित चावला, उपपुलिस अधीक्षक राम लाल बंसल और कंडाघाट थाना के प्रभारी संदीप कुमार खुद शौंकू देवी को उनकी बंदूक सौंपने गए। एसपी मोहित चावला को जब पता चला कि शौंकू देवी खुद बंदूक थाने में जमा करवाने आई थी तो उन्होंने तय कर लिया था कि बंदूक लौटाने पुलिस टीम खुद गांव जाएगी।