सुबाथू (सोलन)। सुबाथू-कुनिहार मार्ग पर गंबरपुल के समीप सड़क हादसे में हुई एक ही गांव के तीन लोगों की मौत के बाद क्षेत्र में मातम छा गया है। डुमैहर गांव उक्त तीनों व्यक्ति आपस गांव के रिश्तेदार थे। इस सूचना को सुनते ही पूरे गांव के चूल्हे ठंडे हो गए हैं। सोमवार को क्रिसमस के एक दिन पहले तीनों लोगों की एक ही गांव में चिताएं जलाई जाएंगी। रविवार को जब उक्त क्षेत्र के लोगों को यह सूचना मिली कि उनके गांव के तीन लोगों की एक साथ सड़क हादसे में मौत हो गई हैं। इसके बाद पूरे गांव में शोक की लहर छा गई। परिजनों के विलाप की गूंज में क्षेत्र पूरी तरह से डूब गया है। सुबाथू से कुनिहार की ओर ईंटों से लदे ट्रक को लेकर जा रहे तीन अभागों को यह पता नहीं था कि घर से कुछ ही दूरी से पहले वह मौत के ग्रास बन जाएंगे।
जानकारी के अनुसार सुबाथू से ट्रक में ईंटें लेकर कुनिहार की तरफ जा रहे डुमैहर के निवासी संदीप पाल, सुरेश कुमार और राजेंद्र पाल जब गंबरपुल के समीप पहुंचे तो उनका ट्रक सड़क से उतरकर गंबर खड्ड में जा गिरा। इसमें संदीप और राजेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि सुरेश कुमार गंभीर घायल हो गया था। उपचार के लिए ले जाते समय उसने भी रास्ते में दम तोड़ दिया। इसकी सूचना मिलते ही उनके गांव में शोक लहर में डूब गया। इस वर्ष में गंबर पुल के समीप सड़क हादसे में पांच मौतें हो चुकी हैं। पुलिस की ओर से शवों का पोस्टमार्टम क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में करवाया जा रहा है। इसके बाद सोमवार को शवों को परिजनों के हवाले कर दिया जाएगा। जिला प्रशासन ने मृतक के परिवारों को 10-10 हजार रुपये की फौरी राशि भी प्रदान की है।
मौत का पुल बना गंबर खड्ड का पुल
सुबाथू-कुनिहार मार्ग पर स्थित गंबर पुल मौत का पुल बन गया है। 2017-18 में रविवार के हादसे को मिलकर चार बड़े हादसे हो चुके हैं। इसमें अभी तक पांच लोग मौत के मुंह में समा गए हैं। अन्य करीब चार लोग घायल हुए हैं। यह हादसे ट्रक, पिकअप, कार और ट्रक के गंबर खड्ड में गिरने से हुए है। इसके बावजूद अभी तक गंबर नदी के पास प्रशासन की ओर से यहां पर सुरक्षा की दृष्टि से कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। हालांकि पंचायत के माध्यम से यहां पर सुरक्षा के इंतजाम करवाने के लिए प्रस्ताव भेजे हैं लेकिन इसके बाद भी यहां पर सड़क किनारे कोई बैरिकेड नहीं लगाए गए हैं।