आग की घटनाओं से निपटने को सुरक्षा चक्र कमजोर
तीन प्रमुख शहरों में संवेदनशील क्षेत्रों के 33 हाइड्रेंट खराब
परवाणू में आगजनी का खतरा सबसे अधिक
महज 25 में से 14 हाईडें्रट ही कर रहे काम
बद्दी में 02 हाईडें्रट खराब
सोलन में 06 मुख्य बाजार सहित अन्य क्षेत्र के खराब
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। त्योहारी समय में जिला सोलन में आग की घटनाओं से निपटने का सुरक्षा चक्र कमजोर है। तीन प्रमुख शहरों परवाणू, बद्दी और सोलन में प्रमुख स्थानों पर लगे 33 हाइड्रेंट खराब पड़े हैं। परवाणू में आग का खतरा सबसे अधिक है। महज 25 में से सिर्फ 14 ही हाइड्रेंट कार्य कर रहे हैं जबकि नालागढ़ में सभी हाइड्रेंट ठीक है। वहीं बद्दी में दो हाइड्रेंट खराब हैं। सोलन के मुख्य क्षेत्र के छह हाइड्रेंट खराब हैं। ऐसे में इन भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में अगर कोई आग की घटना होती है तो उसे काबू करना बेहद मुश्किल होगा। उधर, जिला भर में दशहरा, दिवाली त्योहार में आग की घटनाओं से निपटने का जिम्मा संभाले विभाग आंखें मूंदे बैठे हैं। त्योहार को कुछ ही दिन बाकी रह गए हैं लेकिन विभागों ने शहर की सुरक्षा को लेकर हर वर्ष की भांति खराब पड़े हाइड्रेंट को दुरुस्त नहीं किया है। ऐसे मेें विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहें हैं।
डीसी सोलन विनोद कुमार का कहना है कि सभी संबंधित विभागों को खराब पड़े हाइड्रेंट को दुरुस्त करने के निर्देश दिए जाएंगे।
यहां खराब हाइड्रेंट
जिला सोलन में शहर के विभिन्न जगहों में कुल 85 हाइड्रेंट हैं। परवाणू में 25 हाइड्रेंट हैं। इसमें से सिर्फ 14 ही कार्य कर रहे हैं। बद्दी में 17 हाइड्रेंट हैं जिसमें से दो खराब पड़े हैं। वहीं नालागढ़ में 18 हाइड्रेंट है। यह सभी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सोलन में 26 हाइड्रेंट है। इसमें से छह मुख्य क्षेत्रों के हाइड्रेंट खराब है। इसमें एक मुरारी मार्केट के पास, सन्नी साइड, डिग्री कॉलेज, पुराने बस स्टैंड के पास कसाई गली में, सरकुलर रोड गुरुद्वारा के समीप, पुराने उपायुक्त कार्यालय के समीप के हाइड्रेंट खराब पड़े हैं।
ऐसे करता है हाइड्रेंट कार्य
आग की घटना से बचाव के लिए शहर और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में हाइड्रेंट सिस्टम सुरक्षा चक्र की तरह कार्य करता है। हाइड्रेंट को खोलते ही पानी मुख्य टैंक से सीधा इसमें पहुंचता है। वहां से दमकल विभाग फायर ब्रिगेड के माध्यम से पानी को आग बुझाने के प्रेशर से छोड़ता है। अकसर नियमित चेंकिग और मरम्मत के अभाव के चलते हाइड्रेंट खराब पड़ जाते है जिसे ठीक नहीं किया जाता। दशहरा, दिवाली से पहले दमकल विभाग की ओर से नियमित चेकिंग होती है जिसमें यह खामियां पकड़ी गई हैं।