डॉक्टरों व जांच सुविधाओं की कमी दूर करने की मांग
दाड़लाघाट की स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
दाड़लाघाट (सोलन)। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) अर्की एरिया कमेटी ने दाड़लाघाट की स्वास्थ्य व्यवस्था को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उन्नत करने की मांग की है। पार्टी ने इस संबंध में विधायक संजय अवस्थी को एक मांगपत्र सौंपा है। सीपीआईएम सचिव अमर चंद गजपति ने क्षेत्र में बेहतर चिकित्सीय सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
मांगपत्र में बताया गया कि दाड़लाघाट अर्की विधानसभा क्षेत्र का महत्वपूर्ण औद्योगिक, व्यावसायिक और परिवहन केंद्र है। अर्की की करीब 25 और बिलासपुर जिले की 20 पंचायतों के लोग स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए इस पर निर्भर हैं। वर्तमान में दाड़लाघाट के स्वास्थ्य केंद्र और कर्मचारी राज्य बीमा अस्पताल में केवल एक डॉक्टर है। यह डॉक्टर रोजाना करीब 100 मरीजों की बाह्य रोगी विभाग में जांच करता है। कर्मचारी राज्य बीमा अस्पताल में भी प्रतिदिन 80 मरीज आते हैं। इन संस्थानों में आवश्यक जांच और एक्सरे जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। गंभीर मरीजों को अर्की, शिमला या अन्य बड़े अस्पतालों में संदर्भित करना पड़ता है। औद्योगिक गतिविधियों और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण यहां आपातकालीन और दुर्घटना उपचार सुविधाओं की सख्त जरूरत है।
पार्टी ने विधायक से दाड़लाघाट की स्वास्थ्य सुविधा को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर तक उन्नत करने की मांग की है। इसमें कम से कम पांच या उससे अधिक डॉक्टरों की व्यवस्था शामिल है। साथ ही पर्याप्त नर्स, औषध विक्रेता, प्रयोगशाला तकनीशियन और रेडियोग्राफर के पद भरने को कहा गया है। 24 घंटे आपातकालीन चिकित्सा सेवा, प्रसूति और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाएं भी मांगी गई हैं। सीपीआईएम ने रोग विज्ञान, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड और अन्य आवश्यक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की। गंभीर मरीजों के लिए 24 घंटे रोगी वाहन और प्रभावी संदर्भित करने की व्यवस्था होनी चाहिए। पार्टी ने आघात और दुर्घटना उपचार सुविधा विकसित करने पर विचार करने का आग्रह किया। कुनिहार क्षेत्र की तर्ज पर दाड़लाघाट को भी उच्च स्तरीय स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित करने की दीर्घकालीन योजना बनाने को कहा गया है। विधायक से इस मुद्दे को विधानसभा में उठाने और कार्रवाई की जानकारी जनता को देने का आग्रह किया गया है।