बद्दी में अफीम तस्करी का हुआ था खुलासा, तस्कर के खाते में भेजे गए थे 1.48 लाख रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। बद्दी थाना क्षेत्र के तहत एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में स्पेशल जज-III अरविंद कुमार की अदालत ने आरोपी की जमानत अर्जी को सिरे से खारिज कर दिया है। मामला व्यावसायिक मात्रा में अफीम की तस्करी और वित्तीय लेन-देन से जुड़ा हुआ है। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि मामले में बरामद अफीम की मात्रा निर्धारित कमर्शियल सीमा से अधिक है, जिसके चलते एनडीपीएस अधिनियम की धारा 37 के कड़े प्रावधान लागू होते हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 14 जून 2026 को बद्दी पुलिस थाना की टीम गश्त और मादक पदार्थों की तस्करी की रोकथाम के लिए सूरज माजरा पेट्रोल पंप के पास मौजूद थी। इसी दौरान गुप्त सूचना मिली कि विकास निवासी बरेली, उत्तर प्रदेश के पास भारी मात्रा में अफीम है। वह सूरज माजरा स्थित अपने कमरे में मौजूद है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जब उसके कमरे की तलाशी ली, तो उसके बैग से 3 किलोग्राम 696 ग्राम अफीम और एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू बरामद हुआ। गिरफ्तारी के बाद विकास से पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह अफीम रिंकू माथुर निवासी बदायूं, उत्तर प्रदेश के निर्देश पर लाई जाती थी और बद्दी क्षेत्र में विभिन्न लोगों को सप्लाई की जाती थी। मुख्य तस्कर रिंकू माथुर के बैंक खाते की जांच करने पर सामने आया कि 22 अप्रैल 2026 से 10 जून 2026 के बीच उसके खाते में करीब 19 लाख 500 रुपये विभिन्न खातों से ट्रांसफर हुए हैं। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि जमानत आवेदक सतविंदर सिंह निवासी किशनपुरा बद्दी की ओर से भी 23 फरवरी 2025 से 24 मई 2026 के बीच विभिन्न तिथियों पर कुल 1,48,400 रुपये रिंकू माथुर के खाते में ट्रांसफर किए गए हैं। अदालत ने माना कि आवेदक सीधे तौर पर अफीम खरीदने के इस अवैध नेटवर्क और वित्तीय लेनदेन में संलिप्त रहा है।