संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। मक्की की बिजाई के लिए सही समय चल रहा है और कृषि विभाग के पास मक्की के बीज की पहली खेप पहुंच भी गई है, लेकिन अब किसान असमंजस में हैं कि बिजाई कैसे करें। लंबे समय से बारिश न होने के कारण जिले में सूखे की स्थिति बनी हुई है। किसान मक्की की बिजाई और सब्जियों की फसल को बचाने के लिए बारिश का इंतजार कर रहे हैं। यदि अभी आने वाले कुछ दिनों में बारिश नहीं होती है तो सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान पहुंच सकता है। कृषि विभाग ने जिला से 1,250 क्विंटल मक्की के बीज की मांग निदेशालय को भेजी थी, जिसमें से 449 क्विंटल बीज की खेप पहुंच गई है। बारिश के बाद बची हुई मांग भी पूरी हो जाएगी। विभाग ने सभी कृषि केंद्रों पर बीज का वितरण भी शुरू कर दिया है, जिसमें 40 प्रतिशत अनुदान के साथ बीज प्रदान किया जा रहा है। इसके अलावा विभाग के पास मक्की के साथ चरी समेत बाजरा का बीज भी पहुंच गया है। जिला में 24 हजार हेक्टेयर मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में मक्की की बिजाई की जाती है। मई के अंत से बिजाई का कार्य भी शुरू हो जाता है। हालांकि, अभी तक बारिश न होने के कारण बिजाई का कार्य रुका हुआ है। किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं। बारिश के बाद बिजाई कार्य भी शुरू हो सकेगा।
सूखे के चलते बिजाई का काम रुका
विभाग के पास बीज की सप्लाई आना शुरू हो गई है। सभी केंद्रों को बीज भेजा जा रहा है। जहां से किसानों को बीज वितरित किया जाएगा। जिला में बारिश के बाद बिजाई कार्य भी शुरू हो जाएगा। अभी सूखे के चलते बिजाई कार्य नहीं हो पा रहा है। -डॉ. आरसी चौधरी, कृषि उपनिदेशक