संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मपुर (सोलन)। पंचायतों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल समाप्त होने के कगार पर है, लेकिन सरकार ने उन्हें 31 जनवरी तक अपने पदों पर बने रहने का आदेश दिया है। वहीं, पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित करने का निर्देश भी सरकार की ओर से दिया गया था। इसके बाद ग्राम सभाएं तो आयोजित की गईं, लेकिन पहले जैसी भीड़ एकत्रित नहीं हो पाई। इस कारण पंचायतों में विकास कार्य भी ठप होते जा रहे हैं। कई पंचायत प्रतिनिधि अब आगामी पंचायत चुनावों की तैयारियों में जुट गए हैं। चुनाव अप्रैल में संभावित हैं, जिसके बाद पंचायतों में कामकाज की रफ्तार धीमी पड़ने की आशंका है। इस स्थिति में लोगों को अपने कार्यों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, यह सवाल भी खड़ा हो रहा है कि 31 जनवरी के बाद पंचायतों का संचालन कौन करेगा। जिला पंचायत अधिकारी जोगिंद्र राणा ने बताया कि अभी तक सरकार से कोई आदेश नहीं आया है कि पंचायत प्रतिनिधियों के पदों पर किसे नियुक्त किया जाएगा। फिलहाल पंचायत सचिव ही जनता के कामकाज का ध्यान रखेंगे।