सोलन। कृषि विभाग ने प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना पर 2022 तक कृषकों की आमदनी दोगुना करने और फसल जहर मुक्त फसलें उगाने के लिए राज्य स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन जूम और यूट्यूब से किया। यह वेबिनार प्रदेश की हर पंचायत में आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने ऑनलाइन की।
मुख्यमंत्री ने कृषकों से जहर मुक्त खेती का आह्वान किया। संगोष्ठी में कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर ने बतौर विशेष अतिथि विचार रखे और प्राकृतिक खेती अपनाने पर जोर दिया। विशिष्ट अतिथि निति आयोग भारत सरकार के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार ने हिमाचल के किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने पर दी। सोलन की 240 पंचायतों के कृषकों ने इसमें भाग लिया।
नीति आयोग भारत सरकार की वरिष्ठ सलाहकार (कृषि) डॉ. नीलम पटेल, कृषि सचिव डॉ. अजेय शर्मा ने इस राज्य स्तरीय आयोजन पर बधाई दी। वेबिनार के मुख्य आयोजक राज्य परियोजना निदेशक आतमा राकेश कंवर ने कृषकों को प्राकृतिक खेती से जुड़ने की सलाह दी। कार्यकारी निदेशक (प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना) डॉ. राजेश्वर सिंह चंदेल ने जिला स्तर पर व्यवस्था को संभाली। परियोजना उपनिदेशक डॉ. डीपी गौतम ने बताया कि इसमें 2720 पुरुष और 2080 महिलाएं शामिल रहीं। संगोष्ठी सुबह 10 बजे शुरू हुई और सायं पांच बजे तक चली।
गाय का गोबर और मूत्र खेती के लिए लाभाकारी : डॉ. पालेकर
मुख्य प्रवक्ता पद्मश्री एवं पालेकर कृषि पद्धति के जन्मदाता डॉ. सुभाष पालेकर ने कहा कि जंगलों में बड़े-बड़े पेड़ बिना खाद और कीटनाशकों के प्रयोग के बिल्कुल स्वस्थ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि भगवान ने स्वयं सभी को अपनी खुराक तैयार करने के गुण दिए हैं। देसी गाय के गोबर और गोमूत्र में असंख्य जीवाणु हैं जो खेती के लिए बहुत ही लाभकारी हैं। वहीं, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) जेसी शर्मा और प्रगतिशील किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए।