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Solan News: चट्टानें गिरने से पांच घंटे बंद रहा कुमारहट्टी-सोलन बाईपास

Mon, 18 Mar 2024 11:35 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
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कालका-​शिमला हाईवे पर गलयाणा पानी के समीप पहाड़ी से गिरी चट्टानों को हटाती जेसीबी। संवाद
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कुमारहट्टी-बड़ोग-सोलन से हुई वाहनों की आवाजाही
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गल्याणा पानी के समीप पहाड़ी से हुआ था भूस्खलन
फोरलेन कंपनी ने करीब 12:30 बजे हटाया मलबा
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर कुमारहट्टी-सोलन बाईपास पर शमलेच नेचर रिट्रिट के समीप गल्याणा पानी के समीप बड़ी-बड़ी चट्टानें ऊपर से गिरीं। इस कारण बाईपास पर करीब पांच घंटे यातायात बंद रहा। पुलिस की ओर से कुमारहट्टी-बड़ोग-सोलन से वाहनों की आवाजाही को डायवर्ट किया। बाईपास पर भूस्खलन करीब सुबह 7:30 बजे हुआ। गनीमत यह रही कि जिस दौरान सड़क पर पत्थर गिरने शुरू हुए उस समय कोई वाहन नहीं गुजर रहा था। इससे कोई बड़ा हादसा होने से टल गया। हालांकि सुबह भूस्खलन के बाद वाहन चालकों को काफी दिक्कतें आईं।
गल्याणा पानी के समीप सड़क बंद होने के कारण जाम की समस्या भी उत्पन्न हो गई। कई वाहन चालकों को वापस फिर कुमारहट्टी-बड़ोग-सोलन सड़क से सोलन जाना पड़ा। इससे कई किलोमीटर का अतिरिक्त फेर पड़ गया। वहीं भूस्खलन की जानकारी लोगों ने पुलिस को दी। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। साथ ही फोरलेन निर्माण कर रही कंपनी को भी भूस्खलन होने के बारे में बताया गया। इसके बाद करीब दोपहर 12:30 बजे वाहनों की आवाजाही सुचारु हुई।
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गौर रहे कि परवाणू-सोलन फोरलेन बरसात के बाद से लगातार पहाड़ियों के दरकने के मामले सामने आ रहे हैं। अब धूप में भी पहाड़ियों से भूस्खलन हो रहा है। इससे लोगों को काफी समस्या आ रही है। हाईवे पर लोग डर के साए में चलने पर मजबूर हैं। इन पहाड़ियों से कब पत्थर सड़क पर आ जाए। इसका किसी को भी पता नहीं है। इससे लोग काफी परेशान हो गए हैं। पहले भी कई बार सूखे में पहाड़ियों से पत्थर व मलबा सड़क पर गिर चुका है। वहीं फोरलेन निर्माता कंपनी इन पहाड़ियों की सुरक्षा करने में नाकाम साबित हो रही है। सोमवार सुबह भी कुमारहट्टी-सोलन बाईपास पर भारी मात्रा में पहाड़ी से पत्थर व मलबा सड़क पर गिरा गया। करीब सुबह 9:30 बजे फोरलेन निर्माण कर रही कंपनी की मशीने मौके पर पहुंचीं और चट्टानों को हटाने का कार्य शुरू हुआ। जैसे-जैसे पत्थरों को हटाया गया वैसे-वैसे और पत्थर सड़क पर आ गए। इस कारण कंपनी को बाईपास सुचारु करने में पांच घंटे का समय लग गया।
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इनसेट
90 डिग्री पर कटिंग कर रही काम खराब
परवाणू-सोलन निर्माण के लिए 90 डिग्री तक की गई कटिंग अभी भी काम खराब कर रही है। बारिश में भी पत्थर सड़क पर आ जाते हैं। अब सूखे में भी पहाड़ों से पत्थर दरक रहे हैं। ऐसे में फोरलेन निर्माण कंपनी की ओर से की गई कटिंग पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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