प्रसूता की गंभीर हालत का तर्क देकर केएनएच रेफर करने पर अर्की अस्पताल प्रबंधन पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है। सीएमओ सोलन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। बीएमओ अर्की को पत्र जारी करते हुए भविष्य में ऐसा दोबारा ना होने की हिदायत दी है। साथ ही पूरे मामले में स्पष्टीकरण मांगा है।
वहीं, गायनी के अभाव में इस तरह के मामले सुलझाने की व्यवस्था करने के निर्देश भी जारी किए हैं। गौर रहे कि सोलन-बिलासपुर की सीमा से सटे मलोखर के लाल चंद की पत्नी पार्वती देवी को प्रसव के लिए अर्की अस्पताल लाया गया। अस्पताल से रात्रि को प्रसूता की हालत क्रिटिकल बताते हुए शिमला के लिए रेफर कर दिया। लेकिन रास्ते में तबीयत अधिक बिगड़ने पर 108 एंबुलेंस सेवा के ईएमटी फार्मासिस्ट संजय कुमार व चालक संजीव कुमार ने सफल प्रसव करवा दिया।
लालचंद के अनुसार जच्चा-बच्चा दोनों ठीक हैं व कमल नेहरू अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। उधर, सीएमओ सोलन डॉ. आरके दरोच ने कहा कि मामले की पूरी जानकारी बीएमओ अर्की से मांगी गई है। स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। गायनी न होने के कारण अर्की क्षेत्र में काफी दिक्कत है। वहीं चिकित्सकों के भी पद रिक्त चले हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के प्रयास किए जा रहे हैं।