कार्यशाला में 59 रासायनिक और फार्मास्यूटिकल उद्योगों ने लिया भाग
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। सीपेट बद्दी ने रसायन एवं पेट्रोकेमिकल्स के सुरक्षा मानकों पर जानकारी दी गई। कार्यशाला में 59 रासायनिक और फार्मास्यूटिकल उद्योगों केे 126 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सीपेट प्रमुख डॉ. यूपी सिंह ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य भारत सरकार की सुरक्षा, स्थिरता और जवाबदेही के प्रति अपनी प्रतिबद्वता को दर्शाना है, जो एक सुरक्षित और पर्यावरणीय रूप से जिम्मेदार औद्योगिक वातावरण को बढ़ावा देती है। आर्थिक विकास में रासायनिक और पेट्रोकेमिकल उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका को पहचानते हुए कार्यक्रम खतरनाक पदार्थों से जुड़े अंतर्निहित जोखिमों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है। कार्यशाला एमएएच की इकाइयों पर केंद्रित था। कार्यशाला के दौरान 14 सत्र आयोजित हुए। औद्योगिक सुरक्षा नियमों, जोखिम मूल्यांकन, खतरा प्रबंधन, आपातकालीन प्रतिक्रिया रणनीतियों और उभरती सुरक्षा प्रौद्योगिक जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम को सफल बनाने में सिपेट बद्दी, आईआईटी, एनआईटी, पीसीबी, सलाइट चंडीगढ़ विश्वविद्यालय और रासायनिक एवं फार्मास्यूटिकल उद्योग के विशेषज्ञों ने सभी सत्रों में अपने महत्वपूर्ण और मूल्यवान विचार साझा किए।