घायल बच्चों को टीम ने स्ट्रेचर और व्हीलचेयर से निकाला बाहर
कुफ्टू स्कूल में आपदा प्रबंधन पर मॉक ड्रिल
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुफ्टू में 1905 कांगड़ा भूकंप की 121वीं वर्षगांठ पर आपदा प्रबंधन पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें आपदा से सबक और भविष्य की तैयारी के तहत मॉक ड्रिल से जीवन रक्षक कौशल के बारे में जानकारी दी गई।
मॉक ड्रिल की शुरुआत सायरन बजने के साथ हुई। इसमें भूकंप आने का संकेत दिया गया। इस दौरान विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों ने ड्रॉप, कवर और होल्ड ऑन (सुरक्षात्मक उपाय) अपनाने का अभ्यास किया। सायरन बंद होते ही निर्धारित स्थानों से बच्चों की निकासी शुरू की गई। दीवारों और फर्श पर बने तीर के निशानों का अनुसरण करते हुए सभी को खुले मैदान स्थित असेंबली प्वाइंट पर पहुंचाया गया। इस दौरान बच्चों ने अपने सिर की सुरक्षा के लिए बैग सिर पर रखे।
कक्षाओं के विद्यार्थियों और शिक्षकों की गणना की गई। घायल और चोटिल बच्चों को स्ट्रेचर और व्हीलचेयर से खुले मैदान में लाया गया। यहां टीम ने उन्हें प्राथमिक उपचार दिया। इस अवसर पर आपदा प्रबंधन प्रभारी दामिनी, प्रवक्ता (राजनीतिक विज्ञान) ने बच्चों को आपदा से निपटने और बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी। प्रधानाचार्या स्मृति नेस्टा ने कहा कि प्राकृतिक आपदाएं अचानक आ सकती हैं। इन्हें टालना संभव नहीं है। यदि हम पहले से जागरूक, सतर्क और तैयार रहें तो इनके प्रभाव को कम किया जा सकता है।
इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन समिति की अध्यक्षा दीक्षा शर्मा व एसएमसी सदस्य भी मौजूद रहे। मॉक ड्रिल के बाद एक जागरूकता रैली का आयोजन भी किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने आमजन को जागरूक किया।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुफ्टू में मॉक ड्रील के दौरान चोटिल छात्र को स्ट्रेचर पर ले जात