जिले में चिकनगुनिया बुखार के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। इस बुखार के लक्षण पाए जाने पर चिकित्सकों को रोगियों के जरूरी टेस्ट करवाने के निर्देश दिए गए हैं। यह टेस्ट अस्पतालों में उपलब्ध हैं। परवाणू में इससे पहले डेंगू के रोगी भी सामने आए हैं। इसके अलावा स्क्रब टायफस भी जिला में फैला है।
ऐसे में स्वास्थ्य विभाग हर आपदा से निपटने के लिए कमर कस रहा है। परवाणू में शुक्रवार को चिकनगुनिया का एक मामला चिन्हित किया था। इससे पहले तीन अन्य मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन वह दिल्ली में रह रहे थे और इलाज के बाद परवाणू क्षेत्र में पहुंचे हैं। ईएसआई अस्पताल परवाणू के कार्यकारी चिकित्सा अधीक्षक डा. कपिल ने कहा हर एहतियात कदम उठाए जा रहे हैं।
चिकनगुनिया एक वायरस बुखार है जो एडीज नाम के मच्छर के काटने के कारण होता है। चिकनगुनिया और डेंगू के लक्षण लगभग एक समान होते हैं। इस बुखार का नाम चिकनगुनिया स्वाहिली भाषा से लिया गया है। यह रोग से होने वाले जोड़ों के दर्द के लक्षणों के परिणामस्वरूप रोगी के झुके हुए शरीर को देखते हुए प्रचलित हुआ है। इसमें जान का जोखिम भी होता है।
चिकनगुनिया में जोड़ों के दर्द के साथ बुखार आता है और त्वचा खुश्क हो जाती है। चिकनगुनिया सीधे मनुष्य से मनुष्य में नहीं फैलता है। यह बुखार एक संक्रमित व्यक्ति को एडीज मच्छर के काटने के बाद स्वस्थ व्यक्ति को काटने से फैलता है। चिकनगुनिया से पीड़ित गर्भवती महिला को अपने बच्चे को रोग देने का जोखिम होता है। इसके होने के मुख्य कारण मच्छरों का पनपना, रहने के स्थान के आसपास गंदगी होना और पानी का जमाव आदि शामिल है।