ट्रांस्पोर्ट नगर बसाने को लेकर प्रशासन और नगर परिषद की सुस्ती ने मोटर मार्केट से संबंधित कारोबारियों तथा उनके साथ जुड़े करीब 250 परिवारों की रोजी रोटी पर संकट खड़ा कर दिया है। चंबाघाट मोटर मार्केट परवाणू-शिमला फोरलेन की जद में आ रही है। दुकानें उखाड़ने के फरमान जारी होने को हैं।
लेकिन दुकानों में रखा लाखों का स्टॉक और वर्कशाप बसाने के लिए प्रभावितों के पास जमीन तक का विकल्प नहीं है। वहीं कथेड़ में प्रस्तावित ट्रांस्पोर्ट नगर एक उम्मीद की किरण है लेकिन छह सालों से इस नगर को बसाने में संर्घषरत कारोबारी अपनी मुहिम में सफल नहीं हो सके हैं।
नतीजतन कारोबारी परिवारों के माथे पर चिंता की लकीरें है। कारोबारियों का कहना है कि यदि ट्रांस्पोर्ट नगर बसता है तो प्रभावित परिवार वहां विस्थापित हो सकते हैं। लेकिन अगर प्रशासन और नप की ढील यूं ही रही तो परिवारों को भारी मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है। मोटर मार्केट से जुड़ी मां दुर्गा मोटर मार्केट एसोसिएशन के अनुसार यूनियन के करीब 200 मेंबर हैं। इनके अलावा 55 पंजीकृत डीलर हैं।
शेष छोटा कारोबार करने वाले परिवार हैं। पंजीकृत डीलर के पास प्रत्येक दुकान में 10 से 15 लाख का स्टाक पड़ा है और दुकानें एनएच की जद में आ रही हैं। ऐसे में एक तो रोजगार छूट रहा है ऊपर से आर्थिक हानि भी होने की संभावना नजर आ रही है। प्रभावितों ने प्रशासन और नप से जल्द इस कवायद को अंतिम रूप देने की मांग की है।
यह थी योजना
1- एक छत के नीचे हर प्रकार का वाहन होगा ठीक
नगर परिषद ने 2010 में सरकार को ट्रांसपोर्ट निर्माण की डीपीआर मंजूरी को भेजी थी। इसके तहत शहर के ट्रांसपोर्ट, मोटर वर्कशाप, मैकेनिक और स्पेयर पार्ट के कारोबारियों को एक ही जगह पर शिफ्ट किया जाना है। यानी जिला मुख्यालय में जगह-जगह फैली मेकेनिकल मार्केट एक ही ट्रांस्पोर्ट नगर में बसाए जाने की योजना है। इससे उद्योगों, ट्रक, टैंपों और बस संचालकों को एक ही छत के नीचे सर्विस मिलेगी। आम लोगों को भी वाहनों आदि की मरम्मत के लिए जगह-जगह भटकना नहीं पडे़गा।
310 लाख का यह प्रोजेक्ट है फाइनल
औद्योगिक जिला सोलन में ट्रांसपोर्ट नगर की खासी आवश्यकता है। इसी को देखते हुए यह नगर बसाने के मकसद से नगर परिषद सोलन ने 2010 में यह कवायद शुरू की। एनएच 22 कथेड़ के पास 15417स्कवेयर मीटर जगह खसरा नंबर 2280/1193/762 चयनित की। इसमें 100 ट्रकों के खड़े होने की जगह प्रस्तावित है। शहरी विकास विभाग ने भूमि अधिग्रहण भी कर लिया है। लेकिन कम राजनैतिक इच्छाशक्ति की वजह से काम अटका पड़ा है।
03-जाम की समस्या से मिलेगी निजात
यहां न केवल चंबघाट बल्कि देहूंघाट और राजगढ़ रोड की मेकेनिकल की मार्केट भी यहां शिफ्ट होंगी। सड़कों के किनारे बसी इन छोटी मार्केट में वाहनों की मरम्मत भी सड़क किनारे ही होती है। ऐसे में हादसे का भय और यातायात जाम की समस्या आम है। मार्केट ट्रांस्पोर्ट नगर में शिफ्ट होने से यह समस्या दूर होगी।
एडवांस में पैसे ले प्रशासन : कारोबारी
मां दुर्गा मोटर मार्केट एसोसिएशन के प्रधान धीरज सूद के अलावा राकेश शर्मा, भूपेंद्र शर्मा, धीरज सूद, मनीष ठाकुर, समीर गुप्ता, अजय वर्मा, रत्तन ठाकुर, रिपुदमन सिंह, विजय चौहान, ओमप्रकाश ठाकुर, अनिल शर्मा, संदीप कुमार, केलाश ठाकुर, विवेक मेहता, मोहित सूद, आकाश सिंगला, अमित सैहनी, भूपेंद्र सिंह, सोनू, विनोद केडिया, ज्ञान ठाकुर, सुनील गुप्ता, बलवेंद्र सिंह और राजीव ग्रोवर ने कहा कि अगर बजट की दिक्कत है तो प्रभावित कारोबारी प्रति दुकान की कॉस्ट 6 से 7 लाख तक एडवांस में देने को तैयार हैं।
साइज को लेकर कारोबारी कर रहे दिक्कत : गुप्ता
नप अध्यक्ष पवन गुप्ता का कहना है कि यह कवायद सफल हो जानी थी, लेकिन कारोबारी दुकानों के स्वीकृत साइज को लेकर सहमत नहीं थे। इसी विवाद के चलते यह प्रोजेक्ट इतना लंबा खींचा है। ट्रांस्पोर्ट नगर में विस्थापितों को जगह मिले इसके लिए नगर परिषद प्रयासरत है। प्रभावितों और कारोबारियों से उन्होंने अपील करते हुए कहा कि इसका निपटारा बातचीत से हो सकता है। नगर परिषद चाहती है कि कवायद जल्द सिरे चढ़े।
जल्द पूरा होगा ट्रांस्पोर्ट नगर का सपना : डीसी
डीसी डॉ. राकेश कंवर का कहना है कि यह मामला उनके ध्यान में है। कहा कि इस संबंध में चल रही समस्याओं को जल्द निपटाकर सोलन में ट्रांस्पोर्ट नगर बसाने का सपना पूरा किया जाएगा। इससे कारोबारियों और विस्थापितों को ट्रांस्पोर्ट नगर मिलेगा। एक ही छत के नीचे हर प्रकार के वाहन दुरुस्त होने की सुविधा जनता को मिलेगी। कहा कि संबंधित विभागों से इस संदर्भ में बातचीत जारी है।