रायपुर में कथा सुनते हुए श्रद्धालुस्रोत: आयोजक
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। बद्दी उपमंडल के रायपुर (लोदी माजरा) में श्रीमद्भागवत पुराण कथा के तीसरे दिन व्यासपीठ पंडित प्रकाश चंद गर्गाचार्य ने परीक्षित जन्म के प्रसंग से आगे की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि जब ऋषि शमिक के पुत्र श्रृंगी ऋषि ने राजा को श्राप दिया कि जिसने भी उसके पिता के गले में मृत सांप डाला है, आज से सातवें दिन तक्षक के काटने से उसकी मृत्यु हो जाएगी। मृत्यु का श्राप मिलने पर राजा परीक्षित शुकदेव मुनि की शरण में गए और उन्हें गुरु धारण करके शुकदेव जी से पूछा कि मृत्यु के समय मनुष्य को क्या करना चाहिए। शुकदेव जी ने कहा कि केवल तुम नहीं, सभी को मरना है, इसलिए मृत्यु का भय न कर भगवान का ध्यान करो। इसके बाद शुकदेव जी ने परीक्षित को सात दिनों तक भागवत कथा सुनाई, जिससे उनका मन सांसारिक मोह से मुक्त हो गया।