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बसों में फिर से 50 प्रतिशत सवारियां बैठाने का नियम लागू

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सोलन। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकारी और निजी बसों में 50 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी के हिसाब से सवारियों को बैठाने का नियम फिर से लागू कर दिया गया है। इसकी अधिसूचना निगम और निजी बस ऑपरेटरों को मिल चुकी है। बुधवार से नियमानुसार सवारियों को बसों में बैठाया गया। वहीं रात के समय चलने वाली बसों में सवारी को दी जाने वाले टिकट ही कर्फ्यू पास माना जाएगा। निगम ने बसों को कथेड़ वर्कशॉप में सैनिटाइजेशन भी शुरू कर दिया है। चालक-परिचालक को भी नियम अनुसार ही सवारियों को बैठाने के निर्देश दिए हैं। खाली सीट के ऊपर क्रॉस का निशान लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हालांकि अभी ग्रामीण सहित अन्य रूटों पर बसों को सुचारु रूप से चलाया जा रहा है।
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अभी तक सवारियों को जिला में 84 रूटों पर बसों की सुविधा दी जा रही है लेकिन जैसे ही सवारियों की संख्या में कोई गिरावट होगी। बसों को बंद करने पर विचार किया जा सकता है। उधर, आरएम सुरेश धीमान ने बताया कि अधिसूचना के बाद बसों में 50 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी के हिसाब से सवारियों को बैठाने का कार्य बुधवार से शुरू कर दिया गया है। बताया कि रात को सवारी की टिकट को ही कर्फ्यू पास माना जाएगा। बसों को सैनिटाइज किया जा रहा है। खाली सीट पर क्रॉस का निशान लगाने का कार्य भी किया जा रहा है। वहीं अधिसूचना के बाद निजी बस ऑपरेटर बसें चलाने को लेकर पसोपेश में हैं। 50 प्रतिशत सवारियों को हिसाब से बसें चलाने से खर्चा भी पूरा नहीं होगा। इसका पता तीन से चार दिनों के अंदर लग जाएगा। आमदनी न होने की सूरत में बसों को खड़ा भी किया जा सकता है।
शूलिनी निजी बस ऑपरेटर संघ के अध्यक्ष मेहता रघुविंद्रा सिंह ने कहा कि 50 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी की अधिसूचना जारी होने के बाद डीजल और रखरखाव का खर्च भी पूरा नहीं होगा। ऐसी सूरत में बसों को खड़ा भी किया जा सकता है।
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