देरी से गंतव्य पर पहुंचे ग्रामीण क्षेत्रों से यात्रीआरोप : क्षेत्रीय प्रबंधक लोगों की सुविधा पर नहीं दे रहे ध्यान
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। हिमाचल पथ परिवहन निगम परवाणू डिपो की बसों के ग्रामीण रूट बंद होने और एक बस के हांफ जाने से यात्री परेशान हुए। ऐसे में लोगों को निजी बसों में सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। कई बसों के दूसरे ग्रामीण क्षेत्रों से होकर आने पर लोगों को अतिरिक्त किराया देने पर भी मजबूर होना पड़ रहा है। ऐसे में ग्रामीणों ने क्षेत्रीय प्रबंधक पर बिना बसों को बंद करने का आरोप लगाया है। वहीं, उच्चाधिकारियों से कार्रवाई की मांग भी है। बुधवार को परवाणू डिपो की नब्बों-सोलन बस बस ब्रेकडाउन हो गई। इसके बाद बस में बैठी करीब 30 सवारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
लोगों अपने गंतव्य तक पहुंचने में भी लेट हो गए। मजबूरी में लोगों को निजी बसों में सोलन की ओर आना पड़ा। बताया जा रहा है कि ये रूट कई बार फेल हो जाता है। इस रूट पर चलाई जा रही बस खराब हो जाती है। इस कारण लोगों को दिक्कतें पेश आ रही हैं। इसी के साथ बरोग-प्राथा में सड़क ढहने के बाद से तीन रूट प्रभावित हो गए हैं। इनकी सुविधा लोगों को नहीं मिल रही है। इसमें पहला रूट जोहडजी वाया बनासर-कालका है। जबकि कालका-सेक्टर चार दूसरा रूट है। इसके अलावा कालका-जोहडजी रूट पर भी बस नहीं चल रही है। उधर, स्थानीय ग्रामीण हिमांशी, हिना, मदन, मोहित, राजेंद्र, विरेंद्र ने बताया कि उन्हें पथ परिवहन निगम परवाणू डिपो की ओर से चलाई जा रही बसों का कोई फायदा नहीं मिल रहा है। इन दिनों प्राथा के बरोग में सड़क टूटी हुई है। इसके बाद से निगम की जो बसें आ भी रही हैं वे घुमकर आ रही हैं। इससे अतिरिक्त पैसे देने पड़ रहे हैं।