फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Solan News: बजट से हर वर्ग को राहत की उम्मीद, टैक्स और महंगाई पर टिकी निगाहें

विज्ञापन
बजट, गृहिणी आशा रानी। संवाद
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

सोलन। प्रदेश में शनिवार को पेश होने वाले बजट को लेकर विभिन्न वर्गों में कई तरह की उम्मीदें हैं। कारोबारियों से लेकर गृहिणियों, युवाओं और किसानों तक सभी ने बजट से राहत की आस लगाई है। कारोबारियों का कहना है कि कच्चे माल पर बढ़े टैक्स और बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों पर बढ़े कर के कारण वस्तुएं महंगी हो गई हैं। इससे बाजार में दाम बढ़े हैं और बिक्री प्रभावित हुई है। वहीं गृहिणियों ने रसोई गैस, सब्जियों, फल और बच्चों की पढ़ाई से जुड़े सामानों की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताई है। युवाओं को उम्मीद है कि बजट में रोजगार के नए अवसरों के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे, जबकि किसान कृषि उपकरणों की कीमतों में कमी और अनुदान राशि बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
टैक्स और बिजली दरों में राहत की उम्मीद
कारोबारियों का कहना है कि बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों पर बढ़े टैक्स के कारण कच्चा माल महंगा हो गया है, जिसका असर सीधे उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। साथ ही बिजली दरों में बढ़ोतरी से भी उद्योगों पर बोझ बढ़ा है। बजट से टैक्स में कटौती, बिजली दरों में राहत और रोजमर्रा के खाद्य उत्पादों को टैक्स मुक्त करने की उम्मीद जताई जा रही है।
विज्ञापन

- संजय मलिक, कारोबारी

खाद्य वस्तुओं और बच्चों के सामान में राहत की मांग
गृहिणियों का कहना है कि रसोई से जुड़ी हर चीज महंगी हो चुकी है, जिससे घर का बजट बिगड़ गया है। सब्जियां, गैस सिलिंडर, फल और अन्य खाद्य वस्तुओं की कीमतों में राहत की जरूरत है। साथ ही बच्चों की यूनिफॉर्म, कॉपी-किताबों के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं।
-आशा रानी, गृहिणी

रोजगार के लिए नई योजनाओं की उम्मीद
युवाओं का कहना है कि डिग्रियां होने के बावजूद रोजगार की कमी है और उन्हें नौकरी के लिए भटकना पड़ रहा है। बजट में नई रोजगार योजनाएं और भर्तियों की घोषणा की उम्मीद की जा रही है।
विज्ञापन

- हर्षित, युवा

कृषि उपकरण सस्ते करने की मांग
किसानों का कहना है कि आधुनिक खेती में मशीनों की भूमिका बढ़ गई है, लेकिन इनके दाम काफी अधिक हैं और कई पर अनुदान भी नहीं मिलता। कृषि उपकरणों पर सब्सिडी बढ़ाने की मांग की गई है।
-किशन ठाकुर, किसान

बजट, गृहिणी आशा रानी। संवाद

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें