नगर निगम व पंचायती राज संस्थाओं के अध्यक्ष, उपाध्यक्षों के चुनाव में हो रही देरी पर भाजपा सांसद
उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन, दो दिन में चुनाव नहीं हुए तो आंदोलन की दी गई चेतावनी
सांसद सुरेश कश्यप बोले, शूलिनी मेले में उन्हें भी नहीं मिला निमंत्रण
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। प्रदेश में पंचायतीराज और नगर निकाय चुनावों के अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों के चुनाव एक महीने से अधिक समय से लंबित हैं। इसे लेकर शिमला लोकसभा सांसद सुरेश कश्यप की अध्यक्षता में जिला भाजपा ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया और उपायुक्त मनमोहन शर्मा को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस सरकार पर सत्ता के दुरुपयोग और जनमत प्रभावित करने का आरोप लगाया है। भाजपा ने दो दिन के भीतर लंबित चुनावों की तिथि घोषित करने की मांग की है, ऐसा न होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है। सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार इन चुनावों को टालना चाहती थी। ये चुनाव अक्तूबर-नवंबर 2025 में होने चाहिए थे। उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के बाद ही ये चुनाव संपन्न हो पाए। नगर निकाय चुनाव 17 मई को हुए थे। पंचायतीराज चुनाव 26, 28 और 30 मई को संपन्न हुए। चुनावों को संपन्न हुए एक महीना सात दिन बीत चुके हैं। इसके बावजूद जिला परिषद, नगर परिषद, नगर पंचायत और बीडीसी के अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों के चुनाव लंबित हैं। भाजपा ने आरोप लगाया कि इन चुनावों को लंबित करने के पीछे सरकार और कांग्रेस पार्टी की मंशा ठीक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार चुनावों के दौरान लगातार नियमों में संशोधन कर रही है। इसका उद्देश्य कांग्रेस पार्टी को लाभ पहुंचाना है। भारतीय जनता पार्टी समर्थित उम्मीदवारों को प्रभावित करने के लिए डराने-धमकाने का सिलसिला जारी है। सत्ता का दुरुपयोग कर जनमत को प्रभावित करने का षड्यंत्र लगातार चल रहा है। इस दौरान सांसद सुरेश कश्यप ने बताया कि शूलिनी मेले का निमंत्रण उन्हें भी नहीं मिला है, जिस पर उन्होंने रोष जताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने मेले को भी निजी मेला समझ लिया है। इस मेले में न तो उन्हें निमंत्रण मिला है और न ही सोलन नगर निगम के चुने हुए पार्षदों को। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने यह रिवाज शुरू कर दी है। नगर निगम में भाजपा की सरकार बन रही है। वहीं आगामी विधायक भी यहां से भाजपा का बनेगा। फिर भाजपा भी इसी रिवाज पर चलेगी। वहीं भाजपा नेत्री रश्मिधर सूद ने कहा कि यह मेला राष्ट्र का मेला है, इसमें चुने हुए प्रतिनिधियों को न बुलाना कांग्रेसी की एक ओच्छी राजनीति है।